कमाने गया था विदेश, ताबूत में लौटेगा बेटा… रूसी हमले में देवरिया के लाल की मौत
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच देवरिया के नाविक अभिषेक निषाद की रूसी मिसाइल हमले में दुखद मौत हो गई. मुंबई की शिपिंग एजेंसी के जरिए वह एमवी गोल्डन लियो पर कार्यरत थे. ओडेसा बंदरगाह से निकलते ही जहाज पर हमला हुआ. अभिषेक परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे.
यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से बेहद दुखद खबर सामने आई है. गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी 22 वर्षीय अभिषेक निषाद की यूक्रेन में मालवाहक जहाज पर हुए रूसी मिसाइल हमले में मौत हो गई. जैसे ही यह सूचना परिजनों तक पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई.
जानकारी के अनुसार, अभिषेक निषाद मुंबई की एक शिपिंग एजेंसी के जरिए मालवाहक जहाज एमवी गोल्डन लियो पर नाविक के रूप में काम कर रहे थे. बताया जा रहा है कि जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से माल लेकर रवाना हुआ था. इसी दौरान उस पर रूसी मिसाइल से हमला हो गया. हादसे के समय जहाज पर चालक दल के 17 सदस्य सवार थे. हमले में कई लोग घायल हुए, जबकि अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई.
हमले ने परिवार का इकलौता सहारा छीन लिया
परिजनों ने बताया कि अभिषेक 9 जून को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से विदेश गए थे. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए कर्ज लेकर उन्हें विदेश भेजा गया था. परिवार को उम्मीद थी कि नौकरी मिलने के बाद घर की आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी, लेकिन लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.
सोमवार शाम शिपिंग कंपनी के एजेंट ने फोन कर अभिषेक की मौत की सूचना दी. खबर सुनते ही परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. अभिषेक अपने माता-पिता का इकलौता कमाने वाला बेटा था. पिता कौशल निषाद का कहना है कि बेटे की कमाई से ही परिवार की उम्मीदें जुड़ी थीं. अब उनके सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.
सरकार से आर्थिक सहायता, नौकरी की मांग
पीड़ित परिवार ने सरकार से मांग की है कि उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देकर उनके जीवनयापन की व्यवस्था की जाए. फिलहाल गांव के लोग भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं. पूरे करमेल गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई अभिषेक की असमय मौत से दुखी है.
