हाइवे किनारे जमीन पर कब्जे के लिए टकराए BJP के 2 विधायक, एक पिलर गिराया तो दूसरे ने बुलाई पुलिस
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे किनारे बेशकीमती जमीन को लेकर बीजेपी के दो विधायकों पंकज गुप्ता और ब्रजेश रावत में ठन गई है. दोनों विधायक जमीन पर अपना मालिकाना हक जता रहे हैं, जिसके चलते एक ने पिलर गिरवा दिया तो दूसरे ने पुलिस बुला ली. आखिर में पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा. यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और प्रशासन से जमीन की पैमाइश की मांग की है.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव एक बेशकीमती जमीन के टुकड़े के लिए बीजेपी के दो विधायक आमने सामने आ गए हैं. उन्नाव सदर विधायक पंकज गुप्ता और मोहान विधायक ब्रजेश रावत दोनों ने ही इस प्लाट पर मालिकाना हक का दावा किया है. विवाद बढ़ने पर सदर विधायक पंकज गुप्ता ने इस संबंध में डीएम घनश्याम मीना से जमीन की पैमाइश कराने की मांग की है. मामला लखनऊ कानपुर हाईवे के किनारे स्थित प्लाट का है. इस प्लाट की कीमत दो करोड़ रुपये से भी अधिक बताई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक पांच मई को मोहान विधायक ब्रजेश रावत के भाई राजेश रावत ने सदर थाने में शिकायत दी थी. आरोप लगाया था कि विधायक पंकज गुप्ता और उनकी बहन दीप्ती गुप्ता ने उनकी जमीन कब्जाने की कोशिश की है. यहां तक कि उनकी तरफ से जमीन पर लगाया गया पिलर तक गिरवा दिया गया है. इसका विरोध करने पर गाली गलौज की गई. इस संबंध में उन्होंने कोर्ट में वाद भी दाखिल किया था, जिसके बाद कोर्ट ने उनके पक्ष में स्टे दिया है. बावजूद इसके विधायक पंकज गुप्ता के लोग बाउंड्री बनवा रहे हैं.
नानी दी थी जमीन
राजेश रावत ने कहा की वह ननिहाल में रहते हैं और यह जमीन उन्हें उनकी नानी ने दिया था. वहीं सदर विधायक पंकज गुप्ता ने इस संबंध में डीएम घनश्याम मीना से मिलकर जमीन की पैमाइश कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि पैमाइश होने से साफ हो जाएगा कि जमीन किसकी है. पंकज गुप्ता ने आरोप लगाया कि विधायक ब्रजेश रावत इस जमीन की पैमाइश कराने के लिए तैयार नहीं है. विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि विधायक ब्रजेश रावत उनके परिवार का हिस्सा हैं. दोनों एक ही पार्टी के सदस्य हैं और साथी विधायक भी.
जमीन पर बताया बहन का हक
पंकज गुप्ता ने कहा कि यह जमीन उनकी बहन का है और उन्हीं का मालिकाना हक भी है. जहां तक विधायक ब्रजेश रावत की बात है तो उनकी जमीन कहीं और है. इसी दुविधा के समाधान के लिए उन्होंने प्रशासन से जमीन की पैमाइश कराने की मांग की है. अब यह नहीं समझ में आ रहा कि दूसरा पक्ष पैमाइश के लिए तैयार क्यों नहीं है. उधर, मौके पर विवाद की स्थिति बनने पर मौके पर पहुंचे सदर कोतवाल चंद्रकांत ने निर्माण काम रुकवा दिया है.
कोर्ट में है मामला
सदर कोतवाल चंद्रकांत के मुताबिक एक प्लाट है और दोनों विधायक के लोग इस जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं. राजस्व विभाग की टीम द्वारा इस संबंध में निर्णय लिया गया है और कार्य को रोक दिया गया है. सुरक्षा व्यवस्था लगा दी गई है. पूरा मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है. उप जिलाधिकारी सदर क्षितिज द्विवेदी ने बताया की दोनों मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं, न्यायालय का जो फैसला होगा, दोनों पक्षों ने मानने पर सहमति दी है.
