यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, 47 जिलों की परिसीमन रिपोर्ट आई, 28 जिलों का इंतजार
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियों पर जोर-शोर से काम किया जा रहा है. यहां पर 2021 में हुए चुनावों का कार्यकाल जल्दी ही पूरा हो रहा है. राज्य के 47 जिलों की परिसीमन रिपोर्ट सामने आ गई, वहीं 28 जिलों की रिपोर्ट कुछ समय में आएगी.

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि साल 2021 में निर्वाचित ग्राम पंचायत प्रधानों का कार्यकाल 26 मई, 2026, क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का 19 जुलाई, 2026 और जिला पंचायत अध्यक्षों का 11 जुलाई, 2026 को पूरा होगा. इस बीच, चुनाव की प्रक्रिया को सुचारु करने के लिए परिसीमन और दूसरी तैयारियां तेजी से चल रही हैं.
नगरीय सीमा विस्तार का असर
पंचायतीराज विभाग ने बताया कि साल 2021 के पंचायत चुनाव के बाद नगरीय निकायों के सृजन और सीमा विस्तार के कारण ग्राम पंचायतों की संख्या में कमी आई है. पहले प्रदेश में 58,195 ग्राम पंचायतें थीं, जो अब घटकर 57,694 रह गई हैं. नगरीय सीमाओं के विस्तार से 512 ग्राम पंचायतें समाप्त हो गईं, जबकि 9 नई ग्राम पंचायतें बनाई गईं और 2 वन टंगिया ग्रामों को ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया.
परिसीमन की प्रक्रिया में तेजी
नगरीय निकायों के सृजन और सीमा विस्तार से प्रभावित 39 जनपदों में त्रिस्तरीय पंचायतों के वार्डों का परिसीमन चल रहा है. शासनादेश 15 और 16 जुलाई, 2025 के तहत परिसीमन के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. 3 से 5 अगस्त, 2025 तक आपत्तियां प्राप्त कर उनका निस्तारण किया गया. अब तक 47 जिलों ने परिसीमन संबंधी अभिलेख पंचायतीराज निदेशालय को भेज दिया है. शेष 28 जिलों (आगरा, औरैया, बागपत, बहराइच, बलिया, भदोही, बांदा, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर देहात, कासगंज, कौशांबी, कुशीनगर, महाराजगंज, मऊ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संतकबीरनगर, सीतापुर, सोनभद्र, सुल्तानपुर) से जल्द अभिलेख प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं.
जनसंख्या आंकड़ों का संशोधन
साल 2011 की जनगणना के आधार पर प्रभावित ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों की श्रेणीवार संशोधित जनसंख्या के आंकड़े सभी जिलाधिकारियों द्वारा उपलब्ध करा दिए गए हैं. इसके आधार पर वार्डों का पुनर्गठन किया जा रहा है. शासन ने 20 मई, 2025 के आदेश के तहत नगर विकास विभाग से अनुरोध किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक नगरीय निकायों के सृजन या सीमा विस्तार पर रोक लगाई जाए.
पंचायतीराज निदेशक ने बताया कि परिसीमन की कार्यवाही निर्धारित समय-सारणी के अनुसार पूरी की जा रही है। 12 अगस्त, 2025 तक सभी जनपदों से परिसीमन संबंधी सूचनाएं मांगी गई थीं, और अब शेष जनपदों से जल्द जानकारी जमा करने को कहा गया है। यह प्रक्रिया त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।