नेपाल सीमा पर बढ़ता खतरा: डेमोग्राफी चेंज, अवैध अतिक्रमण और टेरर फंडिंग से बढ़ी गृह मंत्रालय की चिंता

नेपाल से सटे यूपी के इलाकों जैसे बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती में जनसांख्यिकी बदलाव, टेर फंडिंग और अवैध अतिक्रमण ने गृह मंत्रालय की चिंता को बढ़ा दिया है. यहां पर हो रही अलग-अलग तरह की तस्करी से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है. ऐसे में इन क्षेत्रों के एसपी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

सांकेतिक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों-श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर में तेजी से हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव, अवैध धार्मिक अतिक्रमण, विदेशी फंडिंग, और आपराधिक गतिविधियों ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को गंभीर चिंता में डाल दिया है. इन जिलों में पिछले एक दशक में एक विशेष समुदाय की आबादी में असामान्य वृद्धि, धार्मिक अतिक्रमण, और विदेशी फंडिंग से संचालित अवैध गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी हैं.

जाली नोटों की तस्करी, मानव तस्करी, धर्मांतरण, और टेरर फंडिंग जैसे गंभीर मुद्दों ने इन क्षेत्रों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संवेदनशील बना दिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन जिलों के डीएम और एसपी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और नेपाल सरकार के साथ भी सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं.

जनसांख्यिकीय बदलाव और धार्मिक अतिक्रमण की चिंता

पिछले दस सालों में श्रावस्ती और बहराइच में एक समुदाय की आबादी दोगुनी हो गई है, जो स्थानीय जनसांख्यिकीय संतुलन को प्रभावित कर रहा है. इन जिलों में सीमा से 30 किलोमीटर की परिधि में बड़े पैमाने पर धार्मिक अतिक्रमण की शिकायतें सामने आई हैं. खासकर, नो मेंस लैंड (दसगजा क्षेत्र) को पाटकर रास्ते बनाए गए हैं और अवैध रूप से मदरसे खोले गए हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने इन क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग के जरिए संचालित गतिविधियों को चिह्नित किया है, जिसमें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की संलिप्तता भी सामने आई है.

हिंदू आबादी में कमी, मुस्लिम आबादी बढ़ी

नेपाल के तराई क्षेत्र, जो भारत की सीमा से सटा हुआ है, में भी जनसांख्यिकीय बदलाव देखा गया है. नेपाल की 2021 की जनगणना के अनुसार, हिंदू आबादी में 0.11% की कमी आई है, जबकि मुस्लिम और ईसाई आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है. नेपाल में मुस्लिम आबादी अब 5.09% हो गई है, जो 2011 में 4.39% थी। यह आबादी मुख्य रूप से तराई क्षेत्र में केंद्रित है, और इनमें से कई लोग मूल रूप से नेपाली नहीं हैं.

बलरामपुर जिला अवैध धर्मांतरण के मामले में विशेष रूप से संवेदनशील है. हाल ही में छांगुर नामक व्यक्ति की गिरफ्तारी ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है. छांगुर ने विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कर सुनियोजित तरीके से सीमावर्ती क्षेत्रों में धर्मांतरण कराया. उसके अड्डे पर विदेशी नागरिकों का जमावड़ा भी देखा गया.

विदेश से मंगाए गए पैसे

नेपाल के बैंक खातों के जरिए विदेश से पैसे. मंगाए गए, जिनका उपयोग दलित और गरीब परिवारों को निशाना बनाकर धर्मांतरण के लिए किया गया. इसके अलावा, ईसाई मिशनरियों की सक्रियता भी बढ़ी है, जो इन क्षेत्रों में धर्मांतरण की गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने टेरर फंडिंग के एक बड़े मामले का भी खुलासा किया है, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये विदेशी फंडिग का मामला था. जाली नोटों की तस्करी और मनी एक्सचेंज के काले कारोबार के जरिए टेरर फंडिंग का खेल चल रहा है.

साल 2024 में बलरामपुर के तत्कालीन डीएम अरविंद सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की एक विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. इस रिपोर्ट में विदेशी फंडिंग, धन शोधन, और असामाजिक तत्वों द्वारा काले धन को वैध बनाने की गतिविधियों का जिक्र था. उन्होंने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों और तीन चर्चित थानेदारों के शामिल होने की बात सामने आई थी. हालांकि, इस रिपोर्ट को , सामने नहीं लाया. अरविंद सिंह को जिले से हटा दिया गया. इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.

भारत-नेपाल की 1,751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा घुसपैठियों और तस्करों के लिए अनुकूल रही है. रक्सौल , बहराइच, और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में बार-बार घुसपैठ की घटनाएं सामने आ रही हैं. हाल ही में, सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने रक्सौल बॉर्डर पर एक बांग्लादेशी नागरिक सैयद इकबाल को अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया.

नेपाल के गढ़ीमाई जिला-बारा में सात संदिग्ध

पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों के पहुंचने की खबरें हैं, जिनमें से तीन के आईएसआई से संबंध होने की आशंका है। इसके अलावा, बहराइच हिंसा के आरोपी सरफराज को नेपाल भागने की कोशिश करते हुए रूपैडीहा बॉर्डर पर पुलिस ने गिरफ्तार किया। लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के दो शूटर, जो मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल थे, भी बहराइच के रास्ते नेपाल भाग गए थे.

मानव तस्करी और नशीली दवाओं की तस्करी भी इन क्षेत्रों में बढ़ रही है. नेपाल में भारतीय अपराधियों के बड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट्स, जैसे दाऊद इब्राहिम के संगठन, से संबंध होने की आशंका है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय और नेपाल सरकार का रुख

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई है और सीमावर्ती जिलों के डीएम व एसपी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. हाल ही में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में देवीपाटन मंडल के आईजी अमित पाठक और श्रावस्ती के डीएम शामिल हुए. उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की योजना तैयार की जा रही है.

नेपाल के साथ भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है. नेपाल की सशस्त्र पुलिस और भारत के SSB के बीच हुई बैठक में दसगजा क्षेत्र को अपराध मुक्त करने, सोने की तस्करी, मानव तस्करी, और नशीली दवाओं की तस्करी को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. हालांकि, नेपाल में अवैध प्रवासियों, खासकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुस्लिमों, की बढ़ती संख्या ने वहां भी चिंता बढ़ा दी है. नेपाल पुलिस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक संगठन अवैध प्रवासियों को नेपाली नागरिकता दिलाने में मदद कर रहे हैं, जिससे तराई क्षेत्र में जनसांख्यिकीय संतुलन बदल रहा है.

सुरक्षा एजेंसियों ने नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर, महराजगंज, श्रावस्ती, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, और पीलीभीत में 104 संवेदनशील पगडंडियों की पहचान की है. इन पगडंडियों पर गश्त बढ़ाने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.