चार दिन और, फिर पड़ेगी चिलचिलाती गर्मी; UP में 44 पार जा सकता है पारा
उत्तर प्रदेश में सुहाने मौसम के बाद अब फिर चिलचिलाती गर्मी का दौर लौटेगा. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस सप्ताह के आखिर तक प्रदेश में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने से गर्मी बढ़ेगी. हालांकि, पूर्वांचल के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक आंधी-बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में आसमान साफ रहेगा.
उत्तर प्रदेश में बीते एक सप्ताह से मौसम काफी सुहाना था, लेकिन अब एक बार फिर गर्मी पड़नी शुरू हो गई है. पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मिली तात्कालिक राहत अब खत्म होने लगी है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इस सप्ताह के आखिर तक एक बार फिर तल्ख गर्मी शुरू हो सकती है. अनुमान है कि पारा हफ्ते के आखिर तक 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक अभी अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास चल रहा है.
इस संबंध में भारतीय मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आगाह किया है. इसी बीच मौसम विभाग ने पूर्वांचल के कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट भी जारी किया है. आशंका जताई है कि कुछ जिलों में बिजली गिरने की भी घटनाएं हो सकती हैं. मौसम विभाग के मुताबिक यूपी के पूर्वांचल में बलिया-बनारस से लेकर प्रयागराज-कानपुर तक अगले दो तीन दिन तक हल्की बारिश या आंधी चलने के आसार हैं.
पश्चिमी यूपी में साफ होगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय यूपी में कोई मौसम तंत्र एक्टिव नहीं है. इसके चलते पश्चिमी यूपी के ज्यादातर हिस्से में आसमान साफ रहेगा. सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ेंगी. इसकी वजह से गर्मी बढ़ेगी. हालांकि पूर्वांचल के जिलों में बादलों की आवाजाही और जगह जगह बारिश या आंधी की वजह से गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ताजा परिस्थितियों में प्रदेश में कहीं भी लू चलने की संभावना बिल्कुल नहीं है.
इन जिलों में हो सकती है बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने यूपी के 17 जिलों में आंधी पानी की आशंका जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर और महाराजगंज शामिल हैं. मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं भी चल सकती हैं. इस दौरान कुछ स्थान पर गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं.
