आतंकी या नक्सली… कौन था TPC सुप्रीमो बृजेश गंझू? काशी में आज ATS ने मार गिराया

प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन TPC का संस्थापक 30 लाख का इनामी ब्रजेश गंझू यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारा गया. झारखंड में आतंक का पर्याय रहे गंझू पर टेरर फंडिंग समेत कई गंभीर आरोप थे. एनआईए और झारखंड पुलिस द्वारा वांछित, वह 22 साल से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त था.

काशी में मारा गया नक्सली बृजेश गंझू Image Credit:

झारखंड में खौफ का पर्याय बने कुख्यात नक्सली बृजेश गंझू को उत्तर प्रदेश पुलिस के एटीएस ने वाराणसी में मार गिराया है. बृजेश गंझू रविवार की सुबह-सुबह एटीएस के हत्थे चढ़ गया और आमने सामने की फायरिंग में मारा गया. 30 लाख का इनामी बृजेश गंझू प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) का फाउंडर था. बचपन से ही मनबढ़ टाइम का बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह मूल रूप से झारखंड के चतरा जिले का रहने वाला है.

वह साल 2010 में चतरा के लावालौंग से पंचायत चुनाव लड़ा था और निर्वरोध चुनाव जीत कर मुखिया भी बना. हालांकि शुरू से ही उसे लोकतंत्र में भरोसा नहीं था. इसलिए वह नक्सली नेटवर्क को भी ऑपरेट करता रहा. गंझू पर टेरर फंडिंग के भी आरोप हैं. इस मामले की जांच एनआईए कर रही है. एनआईए ने गंझू के सिर पर 5 लाख का इनाम भी घोषित किया था. वहीं उसके अपराधों की लंबी फेहरिस्त को देखते हुए झारखंड पुलिस ने 25 लाख का अलग से इनाम घोषित किया.

22 साल का है आपराधिक सफर

झारखंड मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक बृजेश गंझू ने ने साल 2004 में ही तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) नाम से अपना आपराधिक संगठन खड़ा कर लिया था. उसने अपने संगठन का विस्तार चतरा के बाहर रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और पलामू समेत झारखंड के आधा दर्जन से अधिक जिलों में किया. बाद में उसने संगठन को बिहार के भी कई जिलों में स्थापित किया. उसके संगठन का मुख्य धंधा बड़े सेठ, कारोबारी, ट्रांसपोर्टर और ठेकेदारों को डरा-धमकाकर या किडनैप कर वसूली करना था.

2018 से NIA के रडार पर था गंझू

बताया जा रहा है कि चतरा के टंडवा टेरर फंडिंग केस में बृजेश गंझू का नाम सामने आया था. इसके बाद से ही वह एनआईए के निशाने पर था. इस मामले की जांच एनआईए ने साल-2018 में शुरू की थी. इसमें एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. इस केस में कुल 17 आरोपियों के नाम हैं, इनमें बृजेश गंझू टॉप पर है. मामला मगध और आम्रपाली कोल परियोजना से जुड़ा है.

ऐसे हुआ एनकाउंटर

वाराणसी पुलिस के मुताबिक रविवार की सुबह रामनगर थाना क्षेत्र में इस बदमाश की मौजूदगी के इनपुट मिले थे. इस इनपुट पर यूपी एटीएस ने रामनगर थाना पुलिस के साथ मिलकर घेराबंदी की. इस दौरान बृजेश अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर टेंगरा मोड़ से रामनगर के रास्ते मुगलसराय की ओर जा रहा था. इनपुट की पुष्टि के बाद यूपी एटीएस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन यह बदमाश बाइक से कूदकर पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा. ऐसे में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया है.

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