वाराणसी के मनीष सिंह हत्याकांड की क्या थी वजह? गांव के ही एक व्यक्ति ने बताया

वाराणसी में मनीष सिंह हत्याकांड मामले में गांव वालों ने सनसनीखेज खुलासा किया है. गांव के लोगों का दावा है कि एक मामूली दुर्घटना को बहाना बनाकर राजभर समुदाय के लोगों ने मनीष सिंह की नृशंस हत्या कर दी. यह एक सोची-समझी साजिश थी.

मनीष सिंह हत्याकांड की क्या थी वजह? Image Credit:


वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर में रविवार की रात मनीष सिंह की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई. गांव के ही एक व्यक्ति ने अब इस हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा किया है. दावा है कि एक मामूली दुर्घटना को बहाना बनाकर मनीष सिंह की नृशंस हत्या कर दी गई. डेढ़ साल पुरानी दुश्मनी में बदला लेने के लिए यह एक सोची-समझी साजिश थी.

टीवी 9 डिजिटल को गांव के उस व्यक्ति ने बताया कि मनीष सिंह के दोना पत्तल बनाने वाली फैक्ट्री के बगल में देसी शराब का ठेका है. डेढ़ साल पहले वहां किशन राजभर की संदिग्ध मौत हो गई थी. इसके बाद सभी मनीष सिंह को जिम्मेदार मान रहे थे. हालांकि मनीष सिंह का इससे दूर दूर तक कोई वास्ता नही था लेकिन वो मानने के लिए तैयार नही थे.

डेढ़ साल से थी नजर, रविवार को मिल गया मौका

गांव के लोगों ने बताया कि मनीष सिंह पर डेढ़ साल से उनकी नज़र थी. मनीष कभी भी रात को फैक्ट्री से अकेले नहीं लौटते थे. उस दिन कुछ गेस्ट आ गए थे, मनीष ने रात का डिनर फैक्ट्री में लिया था. फैक्ट्री के ही एक वर्कर ने बताया कि उस दिन भईया अकेले ही घर निकले थे और फोन आ गया कि वह गंभीर रूप से घायल हैं और फिर उनकी मौत हो गई.

गांव के उस व्यक्ति ने बताया कि डेढ़ साल से इन लोगों की नजर मनीष पर थी. कब कहां जाता है और किस रास्ते कितने बजे निकलता है. सबकुछ जान लेने के बाद रविवार को उनको ये मौका मिल गया, जब ये कन्फर्म हुआ कि मनीष रात 10:15 बजे अकेला है और उसकी गाड़ी से एक प्रजापति सम्माज की महिला घायल हो गई है.

मौके पर 20 से ज्यादा लोगों को बुलाकर नृशंस हत्या

गांव के लोगों का कहना है कि हमलावरों को मनीष को रास्ते से हटाने का यह एक अच्छा अवसर लगा. बिंदु प्रजापति को कार से धक्का लगने के बाद मौके पर पहुंचे राजभर समाज के लोग पहुंचे. इसके बाद उन लोगों ने मोबाइल से फोन कर 20 से ज्यादा राजभर समाज के लोगों को मौके पर बुलाया और पीट पीट कर उसकी नृशंस हत्या कर दी.

वहीं, मनीष के चाचा अरुण सिंह ने बताया कि हत्या के बाद आशीष राजभर और गोविन्द राजभर ने मनीष के गले से चेन, हाथ से ब्रासलेट, वालेट और गाड़ी से कैश निकालकर गांव के ही युवक से कहा कि जाओ घर वालों को बता देना कि मनीष की हत्या हो गई है. उसकी डेड बॉडी ले जाएं. मनीष की हत्याकांड के बाद पीड़ित परिवार सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है.

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