यूपी चुनाव में JDU का बड़ा दांव, पूर्वांचल की 12 सीटों पर नजर; वाराणसी में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
यूपी चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी JDU भी बीजेपी से सीटों की मांग कर रही है. JDU पूर्वांचल की एक दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. पार्टी 1 नवंबर को वाराणसी में शक्ति प्रदर्शन भी करने जा रही है. माना जा रहा है कि इस JDU बड़ा ऐलान कर सकती है.
यूपी चुनाव में एनडीए का सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (JDU) भी बीजेपी से दर्जन भर सीट मांग रहा है. नीतीश कुमार की पार्टी के तमाम बड़े नेता लगातार लखनऊ और वाराणसी में संगठन के बड़े नेताओं के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव के लिए संभावित सीटों पर मंथन कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, एक नवंबर को जनता दल यूनाइटेड सीटों का खुलासा कर सकता है.
JDU के यूपी प्रभारी और बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार ने टीवी 9 डिजिटल को बताया कि कैंडिडेट तय हैं और विधानसभा क्षेत्र चिन्हित हैं. हम पूरे दम खम के साथ चुनाव लड़ने जा रहे हैं. एक नवंबर को वाराणसी में कार्यकर्ता सम्मेलन होने जा रहा है. जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और पार्टी के भविष्य निशांत कुमार इसमें शामिल होंगे.
बीजेपी चाहेगी तो हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे
श्रवण कुमार ने कहा कि हमारी प्राथमिकता में वो सीटें हैं जो हमारे पॉलिटिकल इंट्रेस्ट के लिहाज से हमको सूट कर रहे हैं. इसके साथ ही हम संगठन विस्तार पर भी काम कर रहे हैं. जल्दी ही हम पूरे उत्तर प्रदेश में अपना संगठन खड़ा कर लेंगे.
बीजेपी से सीटों की बात तो चुनाव की डेट घोषित होने के बाद करेंगे. लेकिन पहले अपनी तैयारी करेंगे.
उन्होंने यह भी कहा कि अभी यूपी में गठबंधन पर बात चल रही है. बीजेपी चाहेगी तो हम मिलकर यूपी का चुनाव लड़ेंगे. जब दिल्ली में और बिहार में हम पार्टनर हैं तो फिर यूपी में क्यों नहीं. बीजेपी जिन सहयोगी दलों के बल पर राज कर रही है उनको भी तो सम्मान मिलना चाहिए.
पटेल-मौर्या बहुल एक दर्जन सीटों पर नजर
जेडीयू सूत्र से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी पटेल-मौर्या बहुल एक दर्जन सीटों पर चुनाव लड़ने का मन बना रहा है. बनारस, मिर्ज़ापुर, भदोही और प्रयागराज के साथ अम्बेडकर नगर की कुछ सीटों पर JDU की नज़र है. जहां लवकुश समीकरण को साधने पर जीत हासिल हो सकती है. हालांकि, राजनैतिक विश्लेषक इसे दूसरे तरीके से देख रहे हैं.
राजनैतिक विश्लेषक विजय नारायण का मानना है कि यूपी में संगठन विस्तार नीतीश कुमार का सपना था. नीतीश चाहते थे कि यूपी में भी JDU की जमीन तैयार हो जाए. लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. नीतीश बिहार में ही उलझें रहे और उनकी पार्टी में कोई ऐसा बड़ा नेता था नहीं जो ऐसा कर सकता. लोकसभा चुनाव में भी श्रवण कुमार घूम रहे थे. लेकिन कुछ हो नहीं पाया.
चुनाव से ज़्यादा संगठन विस्तार है जरूरी
विजय नारायण कहते हैं कि यूपी में बीजेपी इनको एक भी सीट देगी इसमें संशय है. लेकिन ये भी संभव है कि इनके ज़्यादा रिजिड होने से एकाध सीट बीजेपी इनको एनडीए के नाम पर दे दें. कुर्मी बहुल सीटों पर इनकी नज़र है. इस बात की भी संभावना है कि बीजेपी अपने नेता को इनके पार्टी सिंबल पर लड़ा दें.
हालांकि, राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से ज़्यादा महत्वपूर्ण JDU के लिए उनका संगठन विस्तार है. अभी तो ढंग से इनके पास संगठन ही नहीं है तो चुनाव लड़ेगा कौन? यूपी का चुनाव लोकसभा चुनाव के बाद सबसे टफ और महत्वपूर्ण चुनाव माना जाता है. और जेडी(यू) ने चुनाव लड़ने की मंशा बता कर इसको दिलचस्प भी बना दिया है.
