गुड न्यूज… बुजुर्गों-विधवाओं और दिव्यांगजनों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, अब 1000 की जगह 1500 रुपये होगी पेंशन
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों को मिलने वाले पेंशन को 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये करने का फैसला किया है. अब यह राशि सालाना 12000 से बढ़कर 18 हजार हो जाएगी.
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार यानी 13 फरवरी को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान कहा कि सरकार करीब 1.06 करोड़ निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों को पेंशन दे रही है. इन्हें अब तक सालाना 12000 रुपये मिलते हैं. यानी कि प्रति महीने 1000 रुपये.
सीएम योगी ने अब निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों को मिलने वाले पेंशन को 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये करने का फैसला किया है. अब यह राशि सालाना 12000 से बढ़कर 18 हजार हो जाएगी. बीजेपी ने अपने संकल्प पत्र में भी इसकी घोषणा की थी.
राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की तरफ से निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों को मिलने वाले पेंशन में इजाफे का अधिकारिक ऐलान 15 फरवरी को कर दिया जाएगा. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि साल 2027 में चुनाव है. ऐसे में बीजेपी महिलाओं और बुजुर्गों को साधना चाहती है. यह फैसला भी इसी समीकरण की देन है. हालांकि बजट में इसका प्रावधान नहीं किया गया था.
कैसे करना होता है अप्लाई
उत्तर प्रदेश में निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगजनों के लिए दिए जा रहे पेंशन का लाभ लेने के लिए आपको एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल उत्तर प्रदेश के ऑफिसियल पोर्टल पर जाना होगा. फिर निराश्रित महिला पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, या दिव्यांग पेंशन का विकल्प चुनना होगा. ऑनलाइन आवेदन पर क्लिक करना होगा.
फिर एक फॉर्म खुलकर आएगा. इस फॉर्म में आधार कार्ड, बैंक खाता, और आय विवरण सही-सही दर्ज करना होगा. पासपोर्ट आकार की फोटो, आयु प्रमाण पत्र, दिव्यांग/मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करें. जानकारी की समीक्षा के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा. और रेफरेंस नंबर सेव करना होगा.
किन्हें मिल सकता है इन योजनाओं का लाभ
अगर आप निराश्रित महिला पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपकी उम्र 18 साल से ऊपर होनी चाहिए. दिव्यांगजन पेंशन योजना के लिए आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए. वहीं,वृद्धावस्था पेंशन के लिए आपकी उम्र 60 साल के ऊपर होनी चाहिए. सबसे जरूरी बात इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आपको उत्तर प्रदेश का स्थाई निवासी होना चाहिए.
