गढ़मुक्तेश्वर आए थे दोस्त का अंतिम संस्कार करने, शव की जगह निकला पुतला; हैरान कर देगी कहानी
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां दो युवकों ने गढ़मुक्तेश्वरघाट पर दोस्त के अंतिम संस्कार का नाटक कर एक करोड़ रुपये का बीमा क्लेम हड़पने की कोशिश की. नगर पालिका कर्मचारी के शक करने पर पता चला कि शव की जगह पुतला था. कर्ज के बोझ तले दबे आरोपी कमल सोमानी ने यह साजिश रची थी. पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
उत्तर प्रदेश में हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वरघाट पर एक हैरान करने वाली घटना हुई. यहां दिल्ली से 2 युवक अपने दोस्त का अंतिम संस्कार करने आए थे. जब नगर पालिका कर्मचारी ने उनसे शव की डिटेल मांगी तो वह कतराने लगे. ऐसे में शक हुआ और उसने शव से कफन हटाया तो नजारा देखकर वह सन्न रह गया. उसने तुरंत शोर मचाया. इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया. इतने में सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई और दोनों युवकों को अरेस्ट किया है. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने हैरतंगेज खुलासा किया है.
नगर पालिका के कर्मचारी नितिन के मुताबिक उसे आरोपियों के हाव भाव को देखकर ही शक हो गया था. उसने बताया कि जब उसने कफन हटाया तो शव की जगह पुतला पड़ा हुआ था. उसने इस संबंध में आरोपियों से पूछा तो वह बगले झांकने लगे. ऐसे में उसने शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों को बुला लिया. इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. इस दौरान घटना की जो कहानी निकलकर आई, उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई.
बीमे की राशि हड़पने के लिए रची साजिश
पुलिस की पूछताछ में आरोपी कमल सोमानी ने बताया कि उसने 50 लाख रुपये का लोन लिया था, लेकिन इसे चुकाना मुश्किल हो गया. ऐसे हालात में वह डिप्रेशन में चला गया था. कर्ज उतारने के लिए उसने एक साजिश रची. योजना के तहत उसने पहले अपने एक जानकार अंशुल को अपनी दुकान पर नौकरी पर रखा और बहाने से उसका आधारकार्ड व पैनकार्ड ले लिया. फिर उसने अंशुल के नाम चुपके से टाटा एआई का इंशयोरेंस से एक करोड़ का बीमा करा दिया. एक साल तक वह इसकी किश्तें भी नियमित तौर पर भरता रहा. इसी बीच अंशुल छुट्टी लेकर अपने पैत्रिक घर गया तो उसने बीमा क्लेम हासिल करने के लिए उसकी मौत की साजिश रच दी.
ये था आरोपियों का प्लान
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह पुतले का अंतिम संस्कार करने के बाद अंशुल के नाम से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने वाले थे. फिर यही प्रमाणपत्र लगाकर वह इंशयोरेंस क्लेम लेने वाले थे. आरोपी कमल ने बताया कि इस प्रकार वह इंश्योरेंस क्लेम से मिलने वाली रकम से वह अपना लोन चुकाने वाला था. वहीं बाकी की रकम अपने साथियों को बांटने वाला था. पुलिस ने इस मामले में आरोपी कमल सोमानी के अलावा उसके साथी आशीष खुराना को अरेस्ट कर लिया है. वहीं वारदात में इस्तेमाल कमल की i20 कार को भी जब्त कर लिया गया है.
