कानपुर: लैम्बोर्गिनी मामले में ग्वालटोली SHO लाइन हाजिर, FIR में जोड़ा गया शिवम मिश्रा का नाम

कानपुर हाई प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसा मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने ग्वालटोली SHO को लाइन हाजिर कर दिया है. साथ ही FIR में आरोपी शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा गया है. इससे पहले पुलिस ने वीडियों में शिवम के दिखने के वाबजूद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था.

कानपुर लैंबॉर्गिनी मामले में SHO लाइन हाजिर

कानपुर हाई प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी हादसा मामले में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बड़ी कार्रवाई की गई है. लापरवाही को लेकर ग्वालटोली SHO को उनके पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया है. साथ ही FIR में आरोपी शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा गया है. इससे पहले पुलिस ने वीडियों में शिवम के दिखने के वाबजूद अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया था.

पुलिस पर शुरुआती दौर में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर शिवम को बचाने का आरोप था. पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने साफ कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिवम मिश्रा ने अपनी लग्जरी लैम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को रौंद दिया. शिवम के पिता केके मिश्रा बड़े तंबाकू कारोबारी हैं.

कार से निकलते दिखा था शिवम, अब FIR

माना जा रहा है कि पिता के बड़े कारोबारी होने के कारण ही बेटे को बचाने कोशिश की गई थी. शुरुआत में पुलिस ने इस हादसे की जिम्मेदारी अज्ञात पर डाल दी थी, लेकिन बाद में फजीहत होने के बाद एफआईआर में शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा गया. फिलहाल, शिवम मिश्रा के खिलाफ पुलिस ने जांच की बात कही है.

थाना ग्वालटोली पुलिस ने हमले में घायल तौफीक की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया. जबकि हादसे के बाद वायरल वीडियोज में साफ दिख रहा है कि फॉर्च्यूनर सवार कुछ बाउंसर आते हैं और मौके पर लैंबॉर्गिनी का शीशा तोड़कर आरोपी शिवम मिश्रा को गाड़ी से निकाल कर ले जा रहे हैं.

थाने में कार को ढक कर छिपा दिया गया था

अज्ञात के खिलाफ मुकदमे की खबर वायरल होने के कानपुर पुलिस के कमिश्नर ने सफाई दी है. उन्होंने कहा कि एफआईआर में शिवम मिश्रा का नाम जोड़ा जाएगा. साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकारा है कि हादसे वाली गाड़ी केके मिश्रा का बेटा शिवम मिश्रा ही चला रहा था. उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस उचित कार्रवाई करेगी.

इससे पहले कानपुर पुलिस ने मामले को दबाने के पूरी कोशिश की थी. कई सफेदपोश भी उसकी तरफ से पैरवी कर रहे थे. यहां तक कि ग्वालटोली थाने में कार को ढक कर छिपा दिया गया था. लेकिन मीडिया में खबर वायरल होने के बाद पुलिस को उसपर से कवर हटाना पड़ा. यहीं वजह है कि ग्वालटोली SHO पर गाज गिरी है.