जिसके मरने पर भाई ने लिया 18 लाख का मुआवजा, दूसरे दिन वो घर लौटा… दिलचस्प कहानी

मुरादाबाद की दीवान शुगर मिल में मजदूर अरविंद कुमार के कथित तौर पर गन्ना चेन में गिरने से मौत की खबर ने हड़कंप मचा दिया था. परिजनों के भारी हंगामे और पुलिस जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ. इसमें पता चला है कि इस घटना में अरविंद मरा नहीं था, बल्कि डर के मारे मिल से भाग गया था. अब उसके सुरक्षित लौटने के बाद पुलिस पूछताछ कर रही है.

जिसकी चीनी मिल में हुई मौत, जिंदा लौटा अरविंद

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित दीवान शुगर मिल (Deewan Sugar Mill) में हुई एक नाटकीय घटना ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन अंत में यह एक बड़ा ड्रामा साबित हुई. घटना मंगलवार रात की है, जब मजदूर अरविंद कुमार अपने बड़े भाई जितेंद्र के साथ गन्ना चेन (कन्वेयर बेल्ट) पर काम कर रहे थे. भाई जितेंद्र ने दावा किया कि अरविंद अचानक संतुलन बिगड़ने से चलती चेन में गिर गया, मशीन में पिसकर उसकी मौत हो गई.

भाई जितेंद्र का आरोप है कि मैंने शोर मचाया, मशीन रोकने की गुहार लगाई, लेकिन कथित तौर पर मिल प्रशासन ने तुरंत नहीं रोकी. परिवार और ग्रामीणों ने मिल पहुंचकर भारी हंगामा किया और मिल प्रशासन पर लापरवाही, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और मौत छिपाने के गंभीर आरोप लगाए. परिजनों ने पुलिस को शिकायत की, जिस पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा. उस वक्त एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि जांच में कोई मौत का साक्ष्य नहीं मिला.

पुलिस को पहले हुआ शक

पुलिस का कहना था कि मशीन में गिरने पर भी व्यक्ति की जान खतरे में नहीं पड़ती और अगर गिरा होता तो तुरंत निकाला जा सकता था. हंगामा देखते हुए पुलिस की दोनों पक्षों से वार्ता हुई. इसके बाद मृतक के भाई ने 18 लाख का मुआवजा लेकर लिखित समझौता कर लिया. इसके बाद मिल को दोबारा से चालू कर दिया गया. चूंकि मामले में कई झोल थे,इसलिए पुलिस को मामला संदिग्ध लगा क्योंकि अरविंद गायब था और न ही उसकी लाश मिली थी. परिवार ने अरविंद की मौत मानकर बवाल काट रहा था. फिर पुलिस ने जांच शुरू कर दी.

डर के कारण भाग गया था अरविंद

अगले दिन अरविंद अपने घर लौट आया. इससे हड़कंप मच गया. फिर पुलिस ने थाना सिविल लाइंस में बुलाकर पूछताछ की, जहां अरविंद ने चौंकाने वाला खुलासा किया. अरविंद ने बताया, ‘ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ने की पुली उतारते समय उसका पैर फिसला और वह गिरते-गिरते बाहर निकल आया… हादसे से इतना डर गया कि वह मिल से भाग गया… डर के मारे पैदल ही अगवानपुर से मुरादाबाद आया, रास्ते में किसी से फोन करवाकर परिवार को सूचना दी.’

पुलिस कर रही है अरविंद के बयान की जांच

इसके बाद अरविंद को लेने परिवार आया और घर ले गया. अरविंद ने बताया कि जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त मिल के गेट पर कोई नहीं था, इसलिए आसानी से निकल गया. वह 3 महीने से मिल में गन्ना उठाने का काम कर रहा था. अरविंद सकुशल बरामद है और परिवार ने राहत की सांस ली. एसपी ने कहा कि पुलिस ने सभी पहलुओं की जांच की, कोई हादसा नहीं हुआ… फिलहाल इस मामले में अरविंद के बयान की जांच की जा रही है.