BJP विधायक पर भड़के स्पीकर, फेंका हेडफोन; अखिलेश बोले- अगला चुनाव भाजपाई आपस में लड़ेंगे क्या?
लखनऊ में उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्पीकर सतीश महाना भड़क उठे. बीजेपी विधायकों के शोर-शराबे और व्यवधान से नाराज होकर उन्होंने अपना हेडफोन उठाकर फेंक दिया और सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया. स्पीकर ने बीजेपी विधायक केतकी सिंह का नाम लेकर गुस्सा जाहिर किया. इस घटना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज कसा.
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज स्पीकर सतीश महाना नाराज हो गए. नाराजगी में उन्होंने अपना हेडफोन उठाकर फेंक दिया और सदन को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया. स्पीकर सतीश महाना ने बीजेपी विधायकों के रवैये पर नाराजगी जताई और यहां तक कि उन्होंने बीजेपी विधायक केतकी सिंह का नाम लेकर गुस्सा जाहिर किया. इस पर समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज कसा है.
अखिलेश यादव ने ट्वीट में लिखा, ‘भाजपा की हार की हताशा सड़क से लेकर सदन तक पहुँच गयी है, अब देखते हैं कौन किसको अवमानना का नोटिस देता है… पहले भाजपा के ही विधायक जी ने माननीय भाजपाई मंत्री जी के साथ सड़क पर सरेआम अभद्रता की, अब फिर भाजपाई विधायक के दुर्व्यवहार के कारण भाजपाई सभापति महोदय सदन में रुष्ट हो गये… जनता पूछ रही है: अगला चुनाव भाजपाई आपस में लड़ेंगे क्या?’
क्या है पूरा मामला
दरअसल, सपा विधायक रागिनी सोनकर एक सवाल पूछ रही थीं, जिसका जवाब वित्त मंत्री सुरेश खन्ना दे रहे थे. इसी दौरान पूरक सवाल या टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष के कई विधायक बार-बार खड़े होकर व्यवधान डाल रहे थे. इनमें भाजपा विधायक केतकी सिंह भी शामिल थीं. स्पीकर ने इसे कार्यवाही में बाधा मानते हुए नाराजगी जताई और कहा, ‘क्या आप हाउस चलाओगे? सदन चलाना मेरी जिम्मेदारी है.. आप बैठिए.’ नाराजगी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने हेडफोन फेंक दिया.
फिर सदन 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया. इसके बाद स्पीकर सतीश महाना अपनी कुर्सी से उठकर चले गए, जिससे सदन में सन्नाटा छा गया. 10 मिनट बाद जब सदन दोबारा शुरू हुआ, तो माहौल थोड़ा हल्का हो गया. स्पीकर वापस लौटे और कार्यवाही जारी रही. हंसी-मजाक और मान-मनौवल चलता रहा. सपा विधायक कमाल अख्तर ने शायरी सुनाई, जिस पर स्पीकर सतीश महाना हंस पड़े. इस दौरान कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने भी अपनी बात रखी.
‘एक सदस्य की गलती से पूरे सदन का नाम खराब होता’
स्पीकर सतीश महाना ने कहा, ‘मैं जब पहली बार इस सदन में आया था, तभी अनुशासन को लेकर बात की थी… एक बार दो विधायकों ने इस सदन में कपड़े उतार दिए थे… असल में यह 403 विधायकों का कपड़ा उतरना था… एक विधायक ताश खेल रहे थे… असल में इससे संदेश जाता है कि विधानसभा में सारे विधायक ताश खेलते हैं… विधानसभा का अच्छा परसेप्शन पूरे देश में गया है… यह पूरे सदन के कारण हुआ है… यहां एक सदस्य गलती करता है, तो पूरे सदन का नाम खराब होता है.’
तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है…
आगे स्पीकर सतीश महाना ने कहा, ‘अगर हाउस आपको चलाना है, तो चलाएं… मैं उसका नाम अधिष्ठाता मंडल में रख दूंगा.’ इस पर सपा विधायक कमाल अख्तर ने कहा कि आप पर गुस्सा अच्छा नहीं लगता और शायरी सुनाई- तुम रूठा न करो, सबकी जान चली जाती है… तुम हंसते रहते हो, तो बिजली-सी चमक जाती है. इस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, ‘एक बात सुन लो, महबूबा वाली शायरी यहां न सुनाया करो.’ वहीं कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने कहा कि आप मुस्कुराते हैं, तो पूरा सदन मुस्कुराता है.
