सिद्धार्थनगर में SHO सहित 5 पुलिसकर्मी निलंबित, FIR भी दर्ज; युवक की पिटाई कर सड़क किनारे फेंका था
सिद्धार्थनगर में लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस ने एक युवक को बेरहमी से पीटा था. इस मामले में अब 5 पुलिसकर्मी निलंबित किए गए हैं. इसमें मोहाना थाने प्रभारी भी शामिल हैं. डीआईजी बस्ती और आईजी गोरखपुर के हस्तक्षेप के बाद यह कार्रवाई हुई. आरोपी फरार हैं, गिरफ्तारी के टीमें गठित की गई है.
सिद्धार्थनगर में लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक युवक को उठाकर बेरहमी से पिटाई की गई थी. साथ ही उसे अधमरा हालत में सड़क किनारे फेंक दिया था. अब इस मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. 5 आरोपी पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
यह मामला सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र का है. 22 अक्टूबर की रात लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए विवाद के बाद मोहना पुलिस ने रजनीश पटेल नाम के युवक को उठाया. बेरहमी से उसकी पिटाई की और सड़क किनारे फेंक दिया गया था. घायल युवक की हालत नाजुक बनी हुई है.
मोहना थानाध्यक्ष और 4 सिपाही निलंबित, FIR दर्ज
पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. परिजनों की तहरीर पर चार पुलिसकर्मियों पर मुकदमा भी दर्ज किया गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी गोरखपुर मोथा अशोक जैन ने भी मौके का निरिक्षण किया और पीड़ित परिजन से मुलाकात की थी.
वहीं, अब डीआईजी बस्ती रेंज संजीव त्यागी के आदेश पर मोहना थानाध्यक्ष रोहित कुमार उपाध्याय सहित 5 आरोपी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इसमें अन्य चार सिपाही हैं, जिनका नाम राजन सिंह, मनोज यादव, अभिषेक गुप्ता और मंजीत सिंह बताया जा रहा है.
मामूली कहासुनी में पुलिस ने युवक को उठा लिया
आरोप है कि मोहना थानाध्यक्ष के आदेश पर चारों सिपाही ने युवक की पिटाई की और सड़क किनारे फेंक दिया. वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने उसे देखा और मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में भर्ती कराया. बाद में हालत बिगड़ती देख उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया, जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.
पीड़ित परिवार का कहना है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान मामूली कहासुनी के बाद पुलिस ने रजनीश को उठा लिया और जानलेवा पिटाई की. मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने कहा कि इस घटना को सुनकर वे हतप्रभ रह गए. पुलिस के इस कृत्य की जितनी भी निंदा की जाए वो कम है.
पुलिसकर्मी फरार, गिरफ्तारी के लिए टीम गठित
इस पूरे मामले की जानकारी जैसे अधिकारियों तक पहुंची तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. आईजी ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है. अत्याचार के लिए नहीं. चारों पुलिसकर्मी फरार हैं जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है.
