UP कांस्टेबल भर्ती घोटाले में आई नई चार्जशीट, ED ने कोर्ट में बताया मास्टरमाइंड के नाम; 17 लोगों का गिरोह

उत्तर प्रदेश कांस्टेबल और आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड में ईडी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. इसमें 17 आरोपियों के नाम और उनकी भूमिका उजागर की गई है, जिनमें राजीव नयन मिश्रा और सुभाष प्रकाश मुख्य आरोपी हैं. चार्जशीट मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध उगाही और रकम को विभिन्न खातों में घुमाने का खुलासा किया गया है.

कांस्टेबल भर्ती घोटाले में ईडी की नई चार्जशीट

उत्तर प्रदेश में पुलिस कांस्टेबल और आरओ-एआरओ (समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी) भर्ती परीक्षा के पेपर लीक कांड में ईडी ने कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है. इस चार्जशीट में ईडी ने गिरोह के मास्टर माइंड राजीवन नयन मिश्रा और सुभाष सुभाष प्रकाश समेत 17 अरोपियों के नाम और वारदात में उनकी भूमिका गिनाई है. इसमें यह भी बताया है कि कैसे नकली पेपर परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराए गए और इसके एवज में हुई उगाही की रकम को कैसे घुमाया गया.

ईडी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक एक चार्जशीट पहले ही कोर्ट में पेश किया जा चुका है. उसमें वारदात की पूरी कहानी बताई गई थी. हालांकि सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पुलिस ने नए फैक्ट कोर्ट के सामने रखे हैं. साल 2023 में हुई इन दोनों भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी और इसमें हुए लेनदेन की जांच ईडी कर रही है. ईडी के अधिकारियों के मुताबिक इस पेपर लीक कांड में बड़े स्तर पर लेनदेन हुआ है और इस गिरोह ने संगठित तरीके से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की है.

अलग अलग खातों में घुमाई गई रकम

ईडी ने सप्लीमेंट्री चार्जशीट में बताया कि गिरोह ने अभ्यर्थियों से आई रकम को अलग-अलग खातों, बिचौलियों और माध्यमों के जरिए घुमाकर मनी लॉंडरिंग की है. इसमें 17 अभियुक्तों के मुख्य भूमिका पायी गई है. इन सभी आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल है. यह चार्जशीट पहले से चल रही कार्रवाई का विस्तार है. आरोपों के समर्थन में ईडी ने कई बैंक खातों, संपत्तियों और डिजिटल सबूतों की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की है. बताया कि इस वारदात के मास्टर माइंड राजीव नयन मिश्रा और सुभाष प्रकाश हैं.

पहले ही जब्त हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति

ईडी की जांच में पहले ही इस गिरोह के सदस्यों की काली कमाई का खुलासा हो चुका है. ईडी अब तक अवैध कमाई से जुटाई गई 1.2 करोड़ की संपत्ति जब्त कर चुका है. वहीं अन्य संपत्तियों को चिन्हित कर उनके जब्तीकरण की कार्रवाई जारी है. यही नहीं, ईडी ने इस गिरोह के रवि अत्री व सुभाष प्रकाश को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर लंबी पूछताछ भी की थी. इसमें पता चला था कि इस गिरोह ने अभ्यर्थियों से तीन करोड़ रुपये से भी अधिक रकम वसूली की थी. यह दोनों आरोपी अभी जेल में हैं, हालांकि राजीव नयन मिश्रा जमानत पर बाहर आकर फरार हो गया है.

रिपोर्ट: अभिजीत ठाकुर, लखनऊ