‘मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं’, बर्थडे पर मायावती का ऐलान- अब किसी से गठबंधन नहीं

मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर प्रेस कांफ्रेंस में यह साफ कर दिया है कि बसपा आगामी विधानसभा चुनाव के साथ भविष्य के छोटे-बड़े सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी. उनका किसी दल से कोई गठबंधन नहीं होगा.गठबंधन से BSP को नुकसान हुआ है. अब स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़कर पार्टी को मजबूत करना जरूरी है.

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो) Image Credit: PTI

बसपा सुप्रीमों मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर प्रेंस कांफ्रेंस किया. इस दौरान उन्होंने विपक्षी पार्टियों को जमकर आड़े हाथों लिया. साथ ही उन्होंने आने वाले चुनावों को बिना किसी के गठबंधन के अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया. मायावती ने अपने प्रेस कांफ्रेंस के माध्यम से सभी लोगों को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं.

मायावती ने कहा कि बसपा आगामी विधानसभा चुनाव के साथ भविष्य के छोटे-बड़े सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी. बसपा सुप्रीमो ने साफ कर दिया है कि उनका किसी दल से कोई गठबंधन नहीं होगा. इसके अलावा उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उनके सरकार की योजनाओं को नाम और स्वरूप बदले जा रहे. फिर इन्हें नया और अपनी योजनाएं बताकर लॉन्च किया जा रहा है.

‘विरोधी कर रहे हैं उनकी कॉपी’

मायावती ने आगे कहा कि कांग्रेस, बीजेपी और सपा तरह-तरह के हथकंडे अपनाते रहते हैं. ऐसे में BSP को सत्ता में लाना बहुत जरूरी है. इसके अलावा अपनी सरकार के दौरान संतों-महापुरुषों के नाम पर स्थलों के निर्माण की बात पर उन्होंने कहा कि पहले इसका विरोध करने वाले विरोधी अब इसकी नकल कर रहे हैं. उनकी स्थिति मुंह में राम, बगल में छुरी वाली है.

‘ब्राह्मणों के लिए बीएसपी जरूरी’

मायावती ने जोर देकर कहा कि मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं. उन्होंने विरोधियों के षड्यंत्रों का लेखा-जोखा अपने संघर्षमय जीवन और BSP मूवमेंट के संदर्भ में जारी करने की बात कही और कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी. इसके अलावा उन्होंने बीजेपी ब्राह्मण विधायकों की बैठक के बाद उपेक्षा पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि BSP ने ब्राह्मण समाज को हमेशा उचित प्रतिनिधित्व दिया है. ब्राह्मणों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए. किसी का बाटी-चोखा नहीं खाना चाहिए. ब्राह्मणों पर किसी तरह का अत्याचार न हो, इसके लिए BSP की सरकार आवश्यक है.

‘सपा की मानसिकता दलित विरोधी’

मायावती ने अपने कांफ्रेंस में गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस कांड में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके समाजवादी पार्टी के गुंडों ने मेरे ऊपर हमला किया था. उन्होंने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में गुंडों का बोलबाला रहा था. उनकी तरफ से हमेशा दलितों का उत्पीड़न किया गया. उनकी मानसिकता दलित विरोधी है.