UP MEIN AAJ: मोदी-पुतिन के दौर में अब भारत-रुस के बीच ‘नो लिमिट पार्टनरशिप’

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा में भारत का जोर रूस से साथ व्यापार घाटा कम करने पर रहेगा. भारत की निगाहें फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल और कृषि क्षेत्र के लिए नए बाजार की तलाश पर होगी. राष्ट्रपति पुतिन की ओर से नो लिमिट्स पार्टनरशिप प्रस्ताव पेश किए जाने से रक्षा के क्षेत्र में भारत के मेड इन इंडिया अभियान को मजबूती मिलने के साथ विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी हस्तांतरण का भी लाभ मिलेगा.

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