‘थैंक्यू योगी जी’… ऑपरेशन के बाद मूकबधिर खुशी का पहला शब्द, पैदल ही CM से मिलने पहुंची थी लखनऊ

कानपुर की मूकबधिर किशोरी खुशी गुप्ता, सीएम योगी से मिलने 90 किलोमीटर दूर पैदल ही पहुंच गई थी. उसने सीएम योगी से मिलकर अपनी तकलीफ बताई थी. मुख्यमंत्री ने उसकी आपबीती सुनी और तत्काल इलाज के निर्देश दिए थे. अब खुशी सुनने के साथ-साथ बोलने भी लगी है.

सीएम योगी और मूक बाधिर खुशी

कानपुर की मूकबधिर लड़की खुशी गुप्ता की जिंदगी में नई रोशनी आ गई है. मासूम खुशी ना सिर्फ अब केवल सुन सकती है, बल्कि बोल भी सकती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खुशी का कोक्लियर इम्प्लांट ऑपरेशन कराया गया, जो सफल रहा.

कानपुर से लखनऊ पैदल पहुंची थी खुशी

कुछ महीने पहले खुशी सीएम योगी से मिलने के जिद में कानपुर से लखनऊ के लिए पैदल ही निकल पड़ी थी. उसने सीएम योगी की बनाई हुई तस्वीर को लेकर 90 किलोमीटर की दूरी को पैदल ही तय किया. वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी तकलीफ बताना चाहती थी. उसे उम्मीद थी सीएम योगी उसकी मदद जरूर करेंगे.

काफी कोशिश के बाद भी मुख्यमंत्री योगी से उसकी सीधी मुलाकात नहीं हो सकी. थकान और निराशा में वह रात को हजरतगंज चौराहे पर वह फूट-फूटकर रोने लगी. तभी गश्त पर तैनात हजरतगंज थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विक्रम सिंह की नजर उस मासूम पर पड़ी.

सीएम योगी ने खुशी और उसके परिजनों को मिलने बुलाया

इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बच्ची से बात करने की कोशिश की तो पता चला कि वह मूकबधिर है. संकेत भाषा और मदद से उसकी पूरी कहानी समझी गई. पुलिस ने तुरंत परिवार से संपर्क किया और मुख्यमंत्री कार्यालय को सूचित किया. सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत खुशी और उसके परिजनों को बुलाया. उसकी आपबीती सुनी और तत्काल इलाज के निर्देश दिए.आयुष्मान भारत योजना के तहत और मेहरोत्रा ईएनटी फाउंडेशन की मदद से कानपुर में उसके कोक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कराई गई.

खुशी के सुनने और बोलने की क्षमता में हुआ सुधार

ईएनटी विशेषज्ञ डॉक्टर रोहित मेहरोत्रा ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से बच्ची की सुनने और बोलने की क्षमता में काफी सुधार हुआ है. अब वह सामान्य जीवन जीने की ओर बढ़ रही है. ऑपरेशन के बाद खुशी ने अपना पहला शब्द-थैंक्यू योगी जी’ कहा.यह सुनकर पूरा परिवार भावुक हो उठा. खुशी की मां ने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों ने बिटिया की जिंदगी बदल दी है.

खुशी को परिवार जल्द ही आवास उपलब्ध कराएगी सरकार

मुख्यमंत्री के निर्देश पर खुशी के परिवार को जल्द ही आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. इससे पहले सीएम योगी ने उसकी शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी भी ली थी. खुशी का सपना है कि वह बड़ी होकर उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो और देश की सेवा करे.