लिंक, विंध्य, अवध…. यूपी में बनेंगे 11 और नए एक्सप्रेस-वे, देखिए पूरी लिस्ट
उत्तर प्रदेश में 594 km लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे अब चालू है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई जिले में इसका उद्घाटन किया. अब यूपी में देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है. वहीं, अगले तीन में 11 और नए एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है. परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई जिले में बुधवार को 594 km लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया. यह मेरठ से प्रयागराज के सफर को 6-7 घंटे तक कम कर देता है. गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही यूपी में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 1910 किलोमीटर तक पहुंच जाएगी. यह देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा होगा.
उत्तर प्रदेश सरकार का अब एक्सप्रेसवे नेटवर्क को 3200 KM तक पहुंचाने का लक्ष्य है. इसी तहत 11 और नए एक्सप्रेस-वे बनेंगे. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के नेतृत्व में, यह परियोजना राज्य के बुनियादी ढांचे विकास को बढ़ावा देगी. परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है.
गंगा एक्सप्रेस-वे नए अवसरों का गेटवे- PM मोदी
पीएम मोदी ने गंगा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन कार्यक्रम में इसे नई संभावनाओं, नए सपनों और नए अवसरों का गेटवे बताया है. गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक प्रदेश के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज के 519 गांवों से होकर गुजरेगा.
करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बने इस छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी स्थापित होगी. 594 km गंगा एक्सप्रेसवे से पहले यूपी में यमुना, आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, नोएडा-ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-मेरठ जैसे प्रमुख एक्सप्रेसवे थी, जिसकी लंबाई 1316 किलोमीटर है.
2029 तक 3200 KM एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लक्ष्य
UPEIDA के मुताबिक, यूपी में 11 नए एक्सप्रेसवे और लिंक परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है और लक्ष्य है कि 2029 तक प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क 3200 किलोमीटर तक पहुंच जाए. इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और औद्योगिक, व्यापारिक विकास को गति मिलेगी. साथ ही यूपी देश का एक्सप्रेसवे हब बन सकेगा.
ये 11 लिंक और नए एक्सप्रेसवे हैं प्रस्तावित
- फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे: यह गंगा एक्सप्रेसवे को आगरा-लखनऊ से कनेक्ट करेगा.
- जेवर लिंक एक्सप्रेसवे (76 किमी): यमुना एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा (नोएडा एयरपोर्ट के लिए अहम)
- झांसी लिंक एक्सप्रेसवे (100 किमी): 6-लेन वाला यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे डिफेंस कॉरिडोर को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा.
- विंध्य एक्सप्रेसवे (320 किमी): यूपी का बड़ा पूर्व–दक्षिण कॉरिडोर, यह गंगा एक्सप्रेस से जुड़कर विंध्य क्षेत्र को दिल्ली-एनसीआर और पूर्वांचल से जोड़ेगा.
- मेरठ–हरिद्वार लिंक एक्सप्रेसवे: यह गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के रुप में देखा जा रहा है, जो मेरठ को हरिद्वार से जोड़ेगा. यह परियोजना लगभग 146 किमी लंबी होगी.
- चित्रकूट–रीवा लिंक एक्सप्रेसवे: यह लगभग 120 किमी लंबी होगी, जो बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को जुड़कर चित्रकूट धाम तक कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी.
- गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे: इसे इंटर-स्टेट (पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी) कह सकते हैं. करीब 600 KM का यह एक्सप्रेसवे यूपी को बिहार और पश्चिम बंगाल से जोड़ेगा.
- गोरखपुर–शामली एक्सप्रेसवे (700KM): यूपी को पूर्व से पश्चिम जोड़ने वाला मेगा प्रोजेक्ट. यह एक्सप्रेसवे शामली को गोरखपुर से जोड़ेगा, जिससे 22 जिलों और 37 तहसीलों को कनेक्टिविटी मिलेगी.
- गाजियाबाद–कानपुर एक्सप्रेसवे (प्रस्तावित): यह लगभग 380 किमी प्रस्तावित एक्सप्रेसवे गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, अलीगढ़, एटा और कन्नौज समेत 9 जिलों से गुजरते हुए कानपुर पहुंचेगा.
- अवध एक्सप्रेसवे: यह करीब 64 किलोमाटर का होगा, जिसे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे भी कहा जाता है.
- लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे: आगरा-लखनऊ से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा, यह 51 किलोमीटर लंबी होगी.
