वायरल वीडियो से याद आए गुरूजी, PHD बाबा को सेना ने पहुंचाया मिलिट्री अस्पताल
वायरल वीडियो के बाद सेना ने अपने पूर्व NDA प्रोफेसर, PHD बाबा डॉ. संतोष गोयल की सुध ली है. दृष्टिबाधित होने के कारण नौकरी गंवाने वाले पीएचडी बाबा अब बच्चों को मुफ्त में अंग्रेजी पढ़ाते थे. उन्हें अब आगरा के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सेना उनकी आंखों का उपचार करा रही है, जिससे उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है.
सोशल मीडिया में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर आगरा के अपर आयुक्त अजय मिश्रा का वीडियो वायरल होने के बाद आखिरकार सेना ने अपने PHD बाबा की सुध ली है. उन्हें इलाज के लिए आगरा के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है. नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) खड़कवासला में अंग्रेजी के प्रोफेसर रहे पीएचडी बाबा उर्फ डॉ. संतोष गोयल दृष्टिबाधित हैं. इसी वजह से उनकी नौकरी भी छूट गई थी.
उसके बाद से ही पीएचडी बाबा न्यू आगरा थाना क्षेत्र में नगला पदी स्थित एक मंदिर में रहकर बच्चों को पढ़ा रहे थे. एडिशनल कमिश्नर द्वारा बनाए और सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में भी वह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने लंबे समय तक सेना के भावी अफसरों को पढ़ाने का काम किया था. लेकिन बाद में आंख की दिक्कत आने के बाद बोर्ड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया. जिसकी वजह से वह आज तंगहाली के दौर से गुजर रहे हैं. वह वीडियो में बता रहे हैं कि उनके दांत उखड़ चुके हैं. इसकी वजह से वह खाना भी नहीं खा पाते.
ऐसे काट रहे थे जीवन
वायरल वीडियो में पीएचडी बाबा ने अपने जीवन का दर्द बताया है. इसमें वह कह रहे हैं कि एक हलवाई के यहां उन्हें खाने के लिए ढोकला और लड्डू मिल जाते हैं. इसी से उनका गुजारा होता है. उन्होंने बताया कि मंदिर में काफी बच्चे उनके पास पढ़ने के लिए आते हैं. इनमें कुछ हाई स्कूल-इंटर के हैं तो कुछ बीए-एमए के भी हैं. उन्हें वह अंग्रेजी पढ़ाते हैं. उन्होंने बताया कि वह बच्चों को शेक्सपियर के नाटक मर्चेंट ऑफ़ वेनिस, जूलियर सीजर के साथ मिल्टन और कीट्स की कविताएं मुफ्त में पढ़ाते हैं. वहीं हाई स्कूल-इंटर के छात्रों को ग्रामर पढ़ाते हैं.
नौकरी छूटने का दर्द
पीएचडी बाबा कहते हैं कि वह सेना में 15 भी नौकरी नहीं कर पाए. यदि इतने समय कर लिए होते तो आज उन्हें 70-80 हजार रुपये पेंशन मिलती. इससे वह अपना बुढापा आराम से काट लेते. सेना में मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने भी उनके एनडीए में टीचर होने की पुष्टि की है. कहा कि आंखों की रोशनी जाने की वजह से उनकी नौकरी छूट गई थी. फिलहाल सेना ने उन्हें आगरा के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कर आंख का उपचार शुरू करा दिया है.
1971 में की थी पीएचडी
पीएचडी बाबा डॉ. संतोष गोयल के मुताबिक उन्होंने साल 1971 में अंग्रेजी में पीएचडी की थी. इसके बाद ही उनकी सेना के एजुकेशन कोर में नौकरी लगी और वह नेशनल डिफेंस अकादमी खड़कवासला चले गए. तीन साल तक उन्होंने एनडीए में चयनित अफसरों को पढ़ाए. इसी दौरान उनकी आंखों से रोशनी चली गई और वह सेना से बाहर हो गए. लेकिन वीडियो वायरल होते ही सेना को फिर अपने गुरुजी याद आ गए हैं.
