अजय राय का CM को पत्र, 10% बिजली सरचार्ज वापस लेने की मांग; कहा- यह जनता के साथ खिलवाड़
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रदेश की बिगड़ती विद्युत व्यवस्था और 10% अतिरिक्त बिजली सरचार्ज के निर्णय पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता पर यह बोझ अनुचित है. राय ने इसे जनविरोधी करार देते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने रविवार को मुख्यमंत्री योगी को पत्र लिखा है. इसमें उन्होंंने प्रदेश की बिगड़ती विद्युत व्यवस्था और 10% अतिरिक्त बिजली सरचार्ज के निर्णय पर चिंता जताई है. अजय राय ने कहा कि पहले से ही महंगाई से जूझ रही जनता पर 10% अतिरिक्त बिजली सरचार्ज का बोझ अनुचित है. उन्होंवे इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है.
अजय राय ने कहा कि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था गंभीर प्रशासनिक और तकनीकी संकट से गुजर रही है. लाखों उपभोक्ताओं में लगातार बिजली कटौती को लेकर आक्रोश है. प्रदेश में बिजली आपूर्ति चरमराई हुई है. उन्होंने कहा कि डीजल, पेट्रोल और खाद्य वस्तुओं के बाद अब सीधे 10 प्रतिशत बिजली मूल्य में बढ़ोत्तरी जनता के हितों के साथ खिलवाड़ है.
UPPCL के आदेशों का अनुपालन नहीं हो रहा
अजय राय ने अपने पत्र में कहा कि बिजली बाधित होने से करोड़ों उपभोक्ता प्रभावित हुए, उत्पादन इकाइयां बंद हो गईं और वितरण व्यवस्था ध्वस्त हो गई. यह स्थिति दर्शाती है कि वर्षों के दावों और योजनाओं के बावजूद विद्युत अवसंरचना अपेक्षित स्तर पर सुदृढ़ नहीं की जा सकी है. सीएम होने के नाते आपके समक्ष वास्तविक स्थिति अवश्य उपलब्ध रहती होगी.
उन्होंने लिखा कि UPPCL की भूमिका भी गंभीर समीक्षा की अपेक्षा करती है. आयोग का उद्देश्य उपभोक्ता हितों की रक्षा करना है, लेकिन उनकी शिकायतों, स्मार्ट मीटर विवादों और वितरण कंपनियों की मनमानी के बावजूद जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी. आयोग के आदेशों और निर्देशों का प्रभावी अनुपालन नहीं हो रहा, तो यह भी एक गंभीर संस्थागत प्रश्न है.
यह स्थिति जनता को दंडित किए जाने जैसी
अजय राय ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री जी, प्रदेश की जनता के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य और पीड़ा का विषय यह है कि एक ओर पूरे प्रदेश में बिजली संकट, ब्रेकडाउन, स्मार्ट मीटर विवाद और वितरण अव्यवस्था से लोग जूझ रहे हैं. वहीं दूसरी ओर UPPCL ने बिजली सरचार्ज में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी की है, जिसके उपभोक्ताओं को जून में ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि यह स्थिति जनता को दंडित किए जाने जैसी प्रतीत होती है. साथ ही योगी सरकार से 10 प्रतिशत अतिरिक्त बिजली सरचार्ज का निर्णय अविलंब वापस लेने का अनुरोध किया. कहा कि अपेक्षा है कि वर्तमान सरकार के शेष कार्यकाल को केवल घोषणाओं और दावों तक सीमित न रहने दें, बल्कि बिजली में वास्तविक सुधार के लिए कदम उठाएं.
