‘फर्जी सिग्नेचर के जरिए कटवाए जा रहे हैं मतदाताओं के नाम’ अखिलेश का बीजेपी पर बड़ा आरोप

अखिलेश यादव ने SIR और फॉर्म-7 के मुद्दे पर बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाया है. अखिलेश ने कहा है कि फर्जी दस्तखत के जरिए कई वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. इसके लिए भाजपा ने पहले ही गुप्त बैठक हुई थी कि सपा के वोटों को कैसे काटना है.

सपा प्रमुख अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने SIR के मुद्दे पर फिर से बीजेपी को घेरा है. उन्होंने कहा फॉर्म- 7 के जरिए लगातार मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं. फर्जी दस्तखत के जरिए कई वोटर्स के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं. उन्होंने दावा किया है कि जिन वोटर्स के नाम काटे गए हैं, उनमें मुस्लिम समुदायों की संख्या अधिक है.

पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान अखिलेश ने कहा कि अज्ञात व्यक्ति के नाम से लोगों के नाम कटवाए जा रहे हैं. यह अज्ञात लोग कौन हैं. हमें जानकारी मिली है ये सभी अज्ञात व्यक्ति बीजेपी के हैं. हम वोट में घोटाला नहीं होने देंगे. हम इसके लेकर शांत नहीं रहेंगे.

बीजेपी में हुई थी गुप्त बैठक- अखिलेश

अखिलेश यादव ने आगे कहा कि भाजपा की एक गुप्त बैठक हुई थी. इसमें तय किया गया था कि सपा का वोट कैसे कटवाना है. बीजेपी को इस बार पहले से जानकारी है कि वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे. ऐसे में वह जानबुझकर ऐसी हरकत कर रहे हैं. वे हर तिकड़म भिड़ा रहे हैं कि कैसे सामने वालों के वोट काटें. लेकिन जनता सब जानती है. हर बात का जवाब देगी.

‘भाजपा अल्पसंख्यकों के वोट कटवा रही है’

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा भाजपा पीडीए और खासकर अल्पसंख्यकों के वोट कटवाने की साजिश कर रही है. यह साजिश फॉर्म-7 के माध्यम से की जा रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में तय हुआ है जहां-जहां सपा जीती है, वहां वोट कटवाए जाएंगे.

कोर्ट से SIR मुद्दे को संज्ञान लेने की अपील की थी

बता दें SIR और फॉर्म-7 के मुद्दे पर अखिलेश बीजेपी के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी लगातार हमलावर हैं. हाल ही में उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के अलावा अब किसी से उम्मीद नहीं बची है. कोर्ट को फॉर्म-7 के मसले को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए. SIR में फ़ार्म 7 के दुरुपयोग को तुरंत रोका जाना चाहिए. हर वोटर के मत देने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए.

फॉर्म 7 का इस्तेमाल प्रतिबंधित करने की मांग की थी

अखिलेश यादव आगे कहा था कि BLO से ज़बरदस्ती कर रहे अपराधियों के खिलाफ एफआईआर लिखवाकर फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो. साथ ही जब तक वैध व्यवस्था न बन जाए, फॉर्म 7 का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया जाए. अब तक जो फॉर्म 7 जमा हुए हैं, उन सबको रद्द-निरस्त किया जाए. दावा-आपत्ति की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए.