हमको ठगने का काम किया… बोल फूट-फूट कर रोये संजय निषाद; अखिलेश यादव पूछे- पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के?

गोरखपुर में मंत्री संजय निषाद एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए भावुक हो गए. उन्होंने आरक्षण का मुद्दा उठाया और अपने साथ ठगी होने का दावा करते हुए फूट-फूट कर रोने लगे. वहीं, इसपर अखिलेश यादव ने तंज कसा है, उन्होंने कहा,' ये भाजपा के साथ जाने पर पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के?

संजय निषाद और अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद रविवार को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में एक विशाल रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 2027 के लिए चुनावी रैली का शंखनाद किया. साथ बहन-बेटियों की इज्जत’ और ‘वोट छीने जाने’ का मुद्दा उठाते हुए भावुक हो गए और मंच पर भी फूट-फूट कर रोने लगे.

डॉ संजय निषाद ने पिछली सरकारों पर निषाद समाज को ठगने और लूटने का आरोप लगाया. उन्होंने रोते हुए कहा, ‘मेरी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गई है, हमारे बच्चों को बिछे छोड़ दिया गया. हम लोगों को अपने अधिकार से वंचित रखा गया था. ये वापस होना चाहिए.’ वहीं, सामजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उनके इमोशनल ब्रेकडाउन पर तंज कसा है.

हम थे जिनके सहारे वो हुए न हमारे- अखिलेश

अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, ‘ ये भाजपा के साथ जाने पर पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के? पीड़ा बढ़ रही है… पीड़ित बढ़ रहे हैं… इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है.’ सपा प्रमुख ने आगे कहा कि, ‘जनता कह रही है कि इस वीडियो के बैकग्राउंड में जो गाना हमें सुनाई दे रहा है वो हमारा भ्रम है या सच है : हम थे जिनके सहारे वो हुए न हमारे.’

‘आरक्षण की भूख है तो PDA का झंडा उठाएं’

सपा प्रमुख ने PTI एजेंसी से बातचीत में संजय निषाद के भावनात्मक रूप से टूटने पर कहा, ‘हम स्कूल में कहते थे: अगर हमारे टिफिन में खाना है, तो कोई भी भूखा आकर खा सकता है. लेकिन वहां कुछ नहीं है, जो भी मिलता है वह कहीं और है. वे कहते हैं कि सॉल्यूशन यहीं है, अगर आपको रिजर्वेशन चाहिए, तो PDA का झंडा शान से उठाएं. अभी देर नहीं हुई है.’

उन्होंने साथ ही एक पुरानी घटना को याद करते हुए कहा कि पहले लोगों को बुरी तरह पीटा जाता था और मेरे पास आते थे लेकिन प्रेम कॉन्फ्रेंस में मिनटों में नैरेटिव बदल जाता था. ऐसा नहीं चलेगा. इसके अलावा, अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा, उन्होंंने कहा, अब वे (लखनऊ) डैमेज-कंट्रोल मीटिंग कर रहे हैं, गोरखपुर में भी होगा, लेकिन यह काम नहीं करेगा.

दोनों ने यूपी की राजनीति में गरमाहट ला दी

डॉ. संजय निषाद की इस भावुक अपील और अखिलेश यादव के जवाब ने यूपी की राजनीति में गरमाहट ला दी है. वर्तमान में संजय निषाद बीजेपी सरकार में मंत्री हैं और उनकी पार्टी भाजपा के साथ गठबंधन में है. विधानसभा में निषाद पार्टी के 9 विधायक हैं, इसमें 6 विधायक ‘थाली’ पर और 3 भाजपा चिह्न पर 2022 में विधानसभा चुनाव जीते थे.

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