फर्जी दूल्हा, नकली बाराती और दो लाख में बेटियों का सौदा… अंबेडकरनगर में मानव तस्करी का पर्दाफाश
अंबेडकरनगर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो गरीब युवतियों को निशाना बनाता था. यह गिरोह फर्जी शादी का झांसा देकर लड़कियों को 2 लाख रुपये में राजस्थान और हरियाणा में बेच देता था, जहां उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता था.
अंबेडकरनगर में सक्रिय मानव तस्करी गिरोह का पुलिस ने भांडाफोड़ किया है. यह गिरोह महज दो लाख रुपए में युवतियों को बेच देता है. पुलिस ने इस गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है. साथ ही आरोपियों के कब्जे से एक अपहृत युवती को सकुशल बरामद किया है. यह गिरोह युवतियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान और हरियाणा ले जाकर बेच देता था.
थाना कोतवाली अकबरपुर पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटी), स्वाट और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस गिरोह का खुलासा हुआ. पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक युवती को शादी के बहाने राजस्थान और हरियाणा ले जाने की तैयारी में हैं. पुलिस ने खिद्दिरपुर इलाके में टाटा मोटर्स के पास घेराबंदी कर सातों आरोपियों को दबोच लिया.
गिरोह के सदस्य ही दूल्हा और बाराती बनते थे
गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान, आजमगढ़ और अंबेडकरनगर के निवासी शामिल हैं. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका गिरोह गरीब, असहाय और अनाथ परिवारों की युवतियों को निशाना बनाता था. ये ऐसे परिवारों की पहचान करते थे, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर होने के कारण कानूनी कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं होते थे.
आरोपियों ने बताया कि युवतियों को संपन्न परिवार में विवाह कराने का झांसा देकर उनका विश्वास जीता जाता था. इसके बाद उनके नाम बदलकर फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जाते थे और एक योजनाबद्ध तरीके से नकली विवाह समारोह आयोजित कराया जाता था. इस फर्जी शादी में गिरोह के सदस्य ही दूल्हा, बाराती और रिश्तेदार बनकर शामिल होते थे.
विदाई के बहाने राजस्थान-हरियाणा ले जाते
विवाह के बाद युवतियों को विदाई के बहाने राजस्थान और हरियाणा ले जाया जाता था. यात्रा के दौरान गिरोह की महिला सदस्य युवती के साथ रहती थी, जिससे जांच या पूछताछ के दौरान यह प्रतीत हो कि वह शादी के बाद अपने ससुराल जा रही है. आरोपी रास्ते में एक-दो दिन तक होटल या रेलवे स्टेशन के आसपास ठहरकर परिस्थितियों का आकलन भी करते थे.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान और हरियाणा पहुंचने के बाद युवतियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध देह व्यापार में धकेल दिया जाता था और उनकी वापसी लगभग असंभव बना दी जाती थी. उनकी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे, ताकि परिजन या पुलिस उनका पता न लगा सके.
एक युवती के बदले दो लाख रुपये मिलते थे
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि एक युवती के बदले उन्हें दो लाख रुपये मिलते थे, जिसमें एक लाख रुपये नकद और एक लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से प्राप्त किए जाते थे. पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी महिला के कब्जे से 40 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं. साथ ही थाना कोतवाली अकबरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है.
