गोरखपुर और मुरादाबाद में बनेंगे 100-100 बेड के ESI अस्पताल, वाराणसी में खुलेगा मेडिकल कॉलेज

योगी कैबिनेट ने श्रमिकों के स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए अहम निर्णय लिए हैं. गोरखपुर-मुरादाबाद में 100-100 बेड के आधुनिक ESI अस्पताल और वाराणसी में मेडिकल कॉलेज स्थापित होगा. सरकार ने भूमि आवंटन को मंजूरी दी है. इससे लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

योगी सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में गोरखपुर और मुरादाबाद में 100-100 बेड के कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पतालों और वाराणसी में ESIC मेडिकल कॉलेज की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है.

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार भारत सरकार को निशुल्क और रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराएगी. अस्पताल का निर्माण कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा कराया जाएगा, जिससे राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. इससे बीमांकित श्रमिकों और उनके परिजनों को लाभ मिलेगी.

मुरादाबाद और गोरखपुर में ईएसआईसी अस्पताल

अनिल राजभर ने बताया कि मुरादाबाद में 100 बेड के ईएसआईसी अस्पताल के निर्माण के लिए ग्राम हरथला, तहसील एवं जनपद स्थित गाटा में 2.025 हेक्टेयर सरकारी भूमि निशुल्क आवंटित की जाएगी. इस अस्पताल के शुरू होने से करीब 93 हजार से अधिक बीमांकित श्रमिकों और उनके 3.55 लाख परिजनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा.

इसी तरह गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में लगभग 5.25 एकड़ भूमि पर 100 बेड का आधुनिक ईएसआईसी अस्पताल स्थापित किया जाएगा. इस परियोजना के लिए भूमि रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी. अस्पताल के निर्माण और संचालन से चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों तथा अन्य कर्मचारियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.

वाराणसी के पिंडरा में बनेगा ESIC मेडिकल कॉलेज

वहीं, वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में लगभग 13 एकड़ भूमि पर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. मेडिकल कॉलेज में MBBS की 50 % सीटें बीमित श्रमिकों के बच्चों के लिए आरक्षित रहेंगी. इसके अलावा 18% सीटों पर राज्य सरकार और 7% सीटों पर केंद्र सरकार के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा.

अनिल राजभर ने बताया कि, भविष्य में इस मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकेंगे. इस परियोजना से वाराणसी समेत आसपास के जिलों के करीब 1.45 लाख ईएसआई कार्डधारक श्रमिकों और उनके 5.50 लाख परिजनों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा और चिकित्सा शिक्षा का लाभ मिलेगा.

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