अंधविश्वास की हदें पार… सांप के डसने से लड़के की मौत, परिवार ने शव को बांधकर 12 घंटे गंगा में लटकाया
अमरोहा में अंधविश्वास के चलते एक किशोर की जान चली गई. सांप डसने के बाद परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने के बजाय 12 घंटे तक गंगा में बांधकर झाड़-फूंक से इलाज करने की कोशिश की. लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने के कारण लड़के की मौत हो गई. यह घटना अंधविश्वास के गंभीर परिणामों को उजागर करती है.
उत्तर प्रदेश के अमरोहा में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा सामने आया है, जहां सांप के डसे जाने के बाद एक युवक को अस्पताल ले जाने के बजाय गंगा में बांधकर झाड़-फूंक से इलाज किया गया. परिजनों ने उसके शव को रस्सी से बांध दिया था, फिर 12 घंटे तक गंगा में लटाकाए रखा. इस अंधविश्वास के चक्कर में एक लड़के की जिंदगी चली गई.
ये पूरा मामला आदमपुर थाना क्षेत्र के गांव पीतमपुर का बताया जा रहा है. जहां से 26 अप्रैल को युवक के शव को गंगा में लटकाने का वीडियो सामने आया था. भूसा निकालने गए युवक को सांप ने डस लिया, जिसके बाद वह अचेत हो गया था. लेकिन परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और टोटकों के चक्कर में पड़ गए, जिसने उसकी जान ले ली.
बहते पानी में बांधकर जहर उतारने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, मृतक युवक की उम्र मबज 20 साल की होगी. सांप काटने से उसकी मौत से परिवार में कोहराम मच गया था. कहा जा रहा है कि अंधविश्वास के चलते परिवार के लोग और गांव वाले उसकी बॉडी को गंगा किनारे बने पुल पर ले गए. किसी ने कहा था कि शव को गंगा के पानी में डुबोने से सांप का जहर बेअसर हो जाएगा और बेटा ठीक हो जाएगा.
परिजनों ने सांप के डसने के बाद युवक को गंगा के बहते पानी में बांधकर जहर उतारने की कोशिश शुरू कर दी. घंटों तक यही सिलसिला चलता रहा और परिवार इलाज की आस में उसे पानी में लटकाए बैठा रहा. करीब 12 घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा, लेकिन समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई. इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया.
झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में देरी होने से मौत
घटना के संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. शशांक चौधरी ने बताया कि युवक को किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं लाया गया, शुरुआती जानकारी के अनुसार झाड़-फूंक के चक्कर में इलाज में देरी हुई, जिसकी वजह से उसकी जान चली गई. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने अंधविश्वास को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
