देश के ‘शिखर’ पर धर्म ध्वजा! पहले माउंट एवरेस्ट पर फहराया, अब राम मंदिर में मिलेगा स्थान
पर्वतारोही नरेंद्र और उनके साथियों ने राम मंदिर की धर्म ध्वजा का प्रतीक माउंट एवरेस्ट पर फहराया, जिसे अब अयोध्या के राम मंदिर प्रदर्शनी में रखा जाएगा. यह अभियान सनातन संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने और युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है. नरेंद्र की टीम भारत के सात प्रमुख पर्वतीय शिखरों पर भी यह धर्म ध्वजा लहराएगी.
हरियाणा के हिसार में रहने वाले पर्वतारोही नरेंद्र और उनके साथियों ने रामनगरी अयोध्या से शुरू अपनी ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक यात्रा का पहला चरण शनिवार को पूरा कर लिया. इस यात्रा के तहत राम मंदिर पर फहरा रहे धर्म ध्वजा का प्रतीक माउंट एवरेस्ट पर फहराया गया. वहीं पहले पड़ाव के तहत यात्रा लौटकर वापस अयोध्या पहुंची तो इस प्रतीक को राम मंदिर की प्रदर्शनी में रखने के लिए कारसेवक पुरम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के महासचिव चंपतराय को सौंपा.
इस ध्वजा के अयोध्या पहुंचने पर पहले विधि विधान के साथ पूजन किया गया. नरेंद्र ने बताया कि धर्म ध्वजा के प्रतीक देश के सातों शिखरों पर लहराई जाएगी. उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रेरित करने के लिए इस धर्मध्वजा को राम मंदिर की प्रदर्शनी में रखे जाने का आग्रह किया गया है. उन्होंने कहा कि यह महज एक अभियान नहीं, बल्कि सनातन चेतना को ऊंचाईयों तक पहुंचानेका संकल्प भी है.
सनातन संस्कृति का सशक्तीकरण है उद्देश्य
पर्वतारोही नरेंद्र के मुताबिक सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार को इसके सशक्तिकरण के लिए उन्होंने मुहिम शुरू की है. इसे वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए सभी लोग अपनी क्षमता के मुताबिक काम कर रहे हैं. इसी क्रम में उन्होंने भारत के सातों पर्वतीय शिखरों पर धर्मध्वज लहराने का फैसला किया है. यात्रा के संयोजक राज पुरोहित मधुर के मुताबिक इस यात्रा का लक्ष्य भगवान श्रीराम के मंदिर पर लगे धर्मध्वज के प्रतीक को दुनिया के सभी पर्वत शिखरों तक पहुंचाया जाए.
ऐसे बनी योजना
उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम का आइडिया पहली बार ऋतंभरा भारद्वाज के मन में आया. उन्होंने इसकी चर्चा अपने सहयोगी आशीष व एकता से की. बताया कि देश के सात प्रमुख पर्वतीय शिखरों पर धर्म ध्वजा लहराई जाए. इनमें मुख्य रूप से कंचनजंगा, नंदा देवी, कामेट, साल्टोरो कांगड़ी, सासेर कांगड़ी, मामोस्तोंग कांगड़ी और रीमो आदि प्रमुख हैं. ये पर्वत शिखर हिमालय और काराकोरम रेंज में स्थित हैं.