राम मंदिर के लिए भूमि खरीद में कितना घोटाला? SIT ने खंगाली लेनदेन और संपत्तियों की डिटेल

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी और भूमि खरीद घोटाले की जांच एसआईटी ने तेज कर दी है. तीन सदस्यीय टीम ने वित्तीय लेनदेन, आंतरिक ऑडिट और बैंक कर्मियों से पूछताछ की. ट्रस्ट के पदाधिकारियों व उनकी संपत्तियों की भी जांच हो रही है. अधिकारियों, दर्शन व्यवस्था कर्मियों और कुछ राइडर्स पर भी जांच की आंच है, आशंका है कि वे कैश गणना में शामिल लोगों के लिए 'कैरियर' का काम करते थे.

राम मंदिर चंदा चोरी की SIT कर रही है जांच Image Credit: AI Generated

अयोध्या मे राम मंदिर के चढ़ावा चोरी कांड की जांच लगातार गहराती जा रही है. तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को करीब आठ घंटे तक रामजन्मभूमि परिसर में गहन पड़ताल की. इस दौरान एसआईटी ने ट्रस्ट के लिए भूमि खरीद से जुड़े वित्तीय लेनदेन का सत्यापन किया. इस दौरान विभिन्न बैंकों के अधिकारियों और नकदी गणना में शामिल बैंक कर्मियों से पूछताछ की गई. जबकि पिछले वर्षों के आंतरिक ऑडिट रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की गई.

इस जांच पड़ताल के दौरान एसआईटी ने कुछ अहम दस्तावेज अपने कब्जे में भी लिए हैं. इस दौरान ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और व्यवस्थापक गोपाल राव से जुड़ी संपत्ति विवरणों का भी परीक्षण किया गया. राज्य सरकार द्वारा जांच की समय सीमा 15 जुलाई तक बढ़ाए जाने के बाद एसआईटी ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है.

अधिकारी भी आए रडार पर

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने भूमि खरीद के लिए विभिन्न बैंकों के माध्यम से किए गए भुगतान का सत्यापन किया और नकदी गणना प्रक्रिया से जुड़े स्टेट बैंक के कर्मचारियों से भी विस्तृत पूछताछ की. जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उल्लंघन तो नहीं हुआ. इसी वजह से बैंकिंग प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है.

दर्शन व्यवस्था पर जांच की आंच

जांच की आंच अब दर्शन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों तक पहुंच गई है. सूत्र बताते हैं कि व्हीलचेयर सेवा से जुड़े तीन राइडर और दर्शन सेल के कुछ सुरक्षाकर्मी भी एसआईटी के रडार पर हैं. इनमें से एक राइडर द्वारा आरोपी अविनाश शुक्ल से वाहन खरीदने के लिए दो लाख रुपये लेने की जानकारी सामने आई है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि ये लोग नकदी गणना से जुड़े कर्मियों के लिए ‘कैरियर’ की भूमिका निभाते थे. इनकी अयोध्या में कुछ संपत्तियों की भी जानकारी मिली है. इसी क्रम में एसआईटी ने आभूषणों के रखरखाव से जुड़े ट्रस्ट कर्मियों से भी पूछताछ की है.

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