राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा कदम, अब एंट्री के साथ एग्जिट पर भी होगी तलाशी

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद सुरक्षा सख्त की गई है; अब कर्मचारियों की एंट्री-एग्जिट पर तलाशी अनिवार्य है. वहीं, SIT ने वित्तीय जांच के लिए ट्रस्ट के 5 साल के ऑडिट का फैसला किया है. गोपाल राव समेत 10 लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें बड़े पदाधिकारियों के भी शामिल होने की आशंका है.

फाइल फोटो

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है. अब मंदिर परिसर में कार्यरत कर्मचारियों, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के जवानों और अन्य अधिकृत व्यक्तियों की प्रवेश के साथ-साथ बाहर निकलते समय भी अनिवार्य रूप से तलाशी ली जाएगी.

अब तक मंदिर परिसर में प्रवेश के दौरान कर्मचारियों की पहचान बायोमीट्रिक और फेस रीडिंग के जरिए की जाती थी, लेकिन ड्यूटी पूरी होने के बाद बाहर निकलते समय तलाशी की व्यवस्था नहीं थी. परिचित होने के कारण कई कर्मचारियों के साथ सामान्य प्रक्रिया अपनाई जाती थी, जिसका फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर चढ़ावे बाहर ले जाने में सफल रहे.

ट्रस्ट के पिछले 5 सालों के ऑडिट की होगी जांच

वहीं, SIT ने अब मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच सालों के ऑडिट की भी जांच करने का निर्णय लिया है. शुरुआती जांच में हर वित्तीय लेन-देन की बारीकी से पड़ताल की जाएगी. जरूरत पड़ने पर एसआईटी वित्तीय और ऑडिट विशेषज्ञों की भी मदद ले सकती है. निर्माण कार्यों की भी जांच होगी. सूत्रों के अनुसार, जांच की जद में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी आ सकते हैं.

एसआईटी अब 15 जुलाई को रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. प्रारंभिक जांच में आपराधिक पहलू की जांच की है. इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी से जुड़े अधिकारी लगातार अयोध्या में हैं और साक्ष्य जुटा रहे हैं. एसआईटी को कुछ अहम साक्ष्य भी मिले हैं.

गोपाल राव समेत करीब 10 लोगों से पूछताछ की

इधर, जांच एजेंसियों ने बुधवार को मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव समेत करीब 10 लोगों से पूछताछ की. साथ ही गिरफ्तार आरोपियों लवकुश, अनुकल्प और करुणेश के पैतृक गांवों में छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं. पुलिस ने आरोपी लवकुश के पिता बच्चूलाल मिश्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

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