पूजा-पद्धति में बदली, कब जॉइन करेंगे CEO? राम मंदिर को लेकर गोविंद गिरी ने दिया बड़ा अपडेट
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं. रामलला की आरती और श्रृंगार को अब अधिक कलात्मक स्वरूप दिया जाएगा. मां सीता अन्नक्षेत्र का विस्तार होगा, और नए सीईओ अगले हफ्ते अपना पदभार संभालेंगे.साथ ही अखंड संकीर्तन और पंचदेवता यज्ञ भी शुरू होंगे.
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में राम मंदिर की धार्मिक व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं. ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरी महाराज के मुताबिक, रामलला की आरती और श्रृंगार की व्यवस्था में बदलाव किया गया है. अब मंदिर के अंदर और बाहर दो अलग-अलग समूहों में अर्चक रामलला की आरती करेंगे. इसके साथ ही आरती को और अधिक कलात्मक और भव्य स्वरूप दिया गया है.
गोविंद देव गिरी के मुताबिक ट्रस्ट ने उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी दी है. यह काफी बड़ी जिम्मेदारी है और इसे निभाने की ताकत भगवान राम ही देंगे. उन्होंने कहा कि रामललाल की आरतियों को कलात्मक स्वरूप दिया जाएगा. इसके साथ प्रतिदिन पदगान के जरिए भगवान को रिझाने की व्यवस्था की गई है. रामलला के आकर्षक श्रृंगार पर भी विशेष जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में रोज पंचदेवता यज्ञ कराने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही ‘श्री राम जय राम जय जय राम’ का अखंड संकीर्तन दिनभर जारी रहेगा.
अन्नक्षेत्र का होगा विस्तार
गोविंद गिरी के मुताबिक मां सीता अन्नक्षेत्र का भी बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा. इसको लेकर ट्रस्ट ने योजना तैयार कर ली है. उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी भी इस बार नए स्वरूप में मनाया गया. पहली बार भगवान श्रीकृष्ण को झूले में झुलाकर जन्माष्टमी उत्सव मनाया गया. ट्रस्ट के नए सीईओ ने भी पदभार ग्रहण कर लिया है. वह अपने घर की व्यवस्थाएं पूरी करने के बाद चार-पांच दिन में अयोध्या पहुंचेंगे. अगले सप्ताह से उनका काम नियमित रूप से शुरू होने की उम्मीद है.
2 दिसंबर को होगी अगली बैठक
उन्होंने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 2 दिसंबर को प्रस्तावित है. इसमें मंदिर और ट्रस्ट से जुड़े आगे के कार्यों पर चर्चा की जाएगी. कहा कि भगवान श्रीराम की कृपा, संतों, अयोध्यावासियों और श्रद्धालुओं के सहयोग से नया न्यास मंडल आगे के कार्यों को गति देगा.
