‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा…’ शिक्षक दिवस पर अखिलेश का ये अभियान, खुलेंगे 26 हजार विद्यालय
समाजवादी पार्टी ने 'पाठशाला पुकारे' अभियान के तहत यूपी में बंद पड़े 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को फिर से खोलने की मांग की है. अखिलेश यादव के नेतृत्व में यह अभियान शिक्षा को प्राथमिकता देने और PDA (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने पर केंद्रित है. सपा ने 2027 चुनाव से पहले इसे अपना राजनीतिक एजेंडा बनाया है, जो सामाजिक न्याय के मुद्दे को मजबूत करेगा.
समाजवादी पार्टी ने शिक्षक दिवस के मौके पर प्रदेश में बंद पड़े प्राथमिक विद्यालयों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर शनिवार को प्रदेशभर में ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान शुरू किया गया है. खुद अखिलेश भी कई स्कूलों में पहुंचे. पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में बंद स्कूलों के बाहर धरना-प्रदर्शन कर सरकार से इन्हें दोबारा खोलने की मांग की.
सपा ने इस अभियान का नारा ‘बंद स्कूल खुलेगा, तो PDA पढ़ेगा’ दिया है. पार्टी का कहना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के कार्यकाल में करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालय बंद किए गए हैं, जिनके कारण गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्ग के बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है. अखिलेश यादव ने कहा कि अभियान की मूल भावना शिक्षा को प्राथमिकता देना है. उनके मुताबिक शिक्षा ही शोषित, वंचित, गरीब और पीड़ित समाज में सामाजिक और राजनीतिक चेतना पैदा करती है. यही चेतना प्रभुत्ववादी व्यवस्था को चुनौती देकर भेदभाव खत्म करने, बराबरी और सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तैयार करती है.
प्रदेश भर में हुए प्रदर्शन
अखिलेश यादव के आह्वान पर आज प्रदेश भर के बंद स्कूलों के बाहर धरना प्रदर्शन हुआ. राजधानी लखनऊ मध्य विधानसभा क्षेत्र के नरही में बंद प्राथमिक विद्यालय को लेकर सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया. इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्कूल को दोबारा शुरू करने की मांग उठाई और प्रदेश सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल खड़े किए. सपा नेताओं ने कहा कि जिन स्कूलों में कभी आसपास के गरीब और निम्न आय वर्ग के बच्चे पढ़ते थे, उनके बंद होने से बच्चों को दूर के विद्यालयों का रुख करना पड़ रहा है. पार्टी ने इसे शिक्षा के अधिकार और सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा.
पहली कैबिनेट में स्कूल खोलने का दावा
‘पाठशाला पुकारे’ अभियान के जरिए समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अपना शिक्षा संबंधी राजनीतिक एजेंडा भी स्पष्ट कर दिया है. पार्टी ने ऐलान किया कि सपा की सरकार बनने के 24 घंटे के भीतर बंद किए गए सभी 26 हजार स्कूलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. सपा का दावा है कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में बंद प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोलने का फैसला लिया जाएगा. पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नहीं चाहती कि PDA यानी पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करें.
बनाया सामाजिक न्याय का मुद्दा
सपा के इस अभियान को महज स्कूल खोलने की मांग के बजाय PDA की शिक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दे से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी का संदेश है कि सरकारी स्कूल मजबूत होंगे तो गरीब और वंचित तबके के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बराबरी की लड़ाई को मजबूती मिलेगी. शिक्षक दिवस पर शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सपा के बड़े राजनीतिक अभियान का आधार बन सकता है. 2027 के चुनावी माहौल में स्कूल, शिक्षा और PDA के मुद्दे को लेकर सपा अब BJP सरकार पर लगातार दबाव बनाने की रणनीति में दिखाई दे रही है.
