100 साल पुराने घर, नगर निगम ने अब लगाया लाल निशान; अतिक्रमण पर एक्शन से बरेली में हड़कंप
बरेली में नगर निगम के अतिक्रमण विरोधी अभियान से हड़कंप मचा है. 300 से अधिक घरों पर लाल निशान लगे हैं, जिनमें कई 100 साल पुराने हैं. सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हो रही इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवार बेघर होने के डर से दहशत में हैं. मुआवजे या वैकल्पिक व्यवस्था के बिना कार्रवाई से स्थानीय लोग और व्यापारी रोष में हैं.
उत्तर प्रदेश के बरेली में अतिक्रमण के खिलाफ एक्शन से हड़कंप मच गया है. नगर निगम ने शहर के 300 घरों पर लाल निशान लगाते हुए इन्हें तोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया है. इसमें दर्जनों घर 100 साल या इससे भी अधिक पुराने हैं. इन घरों में रहने वाले लोग अब दहशत में हैं. अब वह प्रशासन से पूछ रहे हैं कि जिस घर में वह 100 साल से रहते आ रहे हैं, अचानक उसे छोड़ कर कहां जाएं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके मकान कोई नए नहीं बने हैं. बल्कि इन घरों में उनके पुरखे रहते आए हैं. इन घरों की उम्र 80 से 100 साल तक है. लोगों का दावा है कि सड़क पहले से ही करीब 12 मीटर चौड़ी है और साथ में नाला भी बना हुआ है. ऐसे में सड़क और चौड़ी करने की बात उन्हें समझ में नहीं आ रही. TV9 भारतवर्ष से बात करते हुई कई महिलाएं तो भावुक हो गई. उनका कहना है कि पुरखों ने मेहनत मजदूरी कर ये घर बनाए हैं.
सड़क पर आ जाएंगे कई परिवार
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर बुलडोजर चला तो कई परिवार सड़क पर आ जाएंगे. कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे भी परिवार हैं, जो कहीं और जाकर आशियाना बसाने में सक्षम नहीं हैं. यदि नगर निगम बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए या मुआवजा दिए कार्रवाई करता है तो यहां त्राहि-त्राहि मच जाएगी. इस दौरान एक 80 साल की बुजुर्ग महिला ने अपने मकान के कागज दिखाते हुए भावुक होकर कहा कि हमने पूरा जीवन यहीं बिताया है. अब हमारा मकान तोड़ा जाएगा पूरा परिवार रोड पर आ जाएगा.
व्यापारियों में नाराजगी
बरेली में सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से धर्मकांटा चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण का विवाद गहराता जा रहा है. नगर निगम की टीम ने इस मार्ग पर करीब 50 से 60 दुकानों पर लाल निशान लगाए हैं. व्यापारियों का आरोप है कि निशान एक जैसे नहीं लगाए गए हैं. कहीं 1.5 मीटर तो कहीं 2.5 मीटर तक कब्जा बताया गया है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है. व्यापारियों ने बैठक कर विरोध जताया और कहा कि पहले कोरोना महामारी से व्यापार ठप हुआ, फिर महादेव सेतु निर्माण से नुकसान हुआ. अब अगर दुकानें तोड़ी गईं तो रोजी-रोटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी.
क्या कहते हैं अधिकारी?
नगर निगम के पर्यावरण अभियंता राजीव राठी का कहना है कि खलीलपुर रोड पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर मकान बना लिए हैं. करीब 300 मकानों को चिन्हित कर लाल निशान लगाए गए हैं. उन्होंने साफ कहा कि अगर लोग खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो नगर निगम बुलडोजर से कार्रवाई करेगा. इसमें आने वाला खर्च भी संबंधित लोगों से वसूला जाएगा. उन्होंने बताया कि सड़क के चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है. इसमें कोई अड़चन नहीं आने दी जाएगी.