मेडिकल कॉलेज में चूहों की ड्यूटी! ऑक्सीजन पाइप से ऑर्थों वार्ड में लगा रहे राउंड, वायरल हुआ Video
उत्तर प्रदेश के गोंडा मेडिकल कॉलेज में चूहों का आतंक है. यहां ऑक्सीजन पाइप से वार्डों में घूमते चूहों का वीडियो वायरल हुआ है. मरीज भयभीत हैं क्योंकि चूहे उनके ऊपर कूदते हैं. डीएम ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए मेडिकल के प्रिंसिपल को फटकार लगाई है. इसके बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया है. अब चूहों को भगाने और स्वच्छता के लिए कदम उठाए गए हैं.
उत्तर प्रदेश में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में अक्सर अव्यवस्था की खबरें आती रहती है. अब उत्तर प्रदेश में ही गोंडा के मेडिकल कॉलेज से हैरान करने वाली खबर आई है. इस मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर तो कम चूहे और कुत्ते ज्यादा राउंड करते नजर आते हैं. इन चूहों के राउंड और धमा चौकड़ी का वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है. जब कभी डॉक्टर या नर्सिंग स्टॉफ भी राउंड पर आते हैं तो भी ये चूहे निडर होकर एक बेड से दूसरे बेड, यहां तक कि मरीजों के ऊपर भी कूदते फांदते रहते हैं.
हालांकि अब वीडियो वायरल होने के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं. फिलहाल सोशल मीडिया पर इस मेडिकल कॉलेज में ऑर्थो वार्ड का वीडियो वायरल हो रहा है. यह वीडियो अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने ही बनाया है. इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे करीब आधा दर्जन चूहे एक के बाद एक ऑक्सीजन पाइपलाइन के जरिए इधर से उधर घूम रहे हैं. फिर मरीजों के बगल से होकर बेड पर भी उछल कूद मचा रहे हैं.
दहशत में मरीजों की जान
वीडियो वायरल होने पर मीडिया ने मरीजों और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से बात की. मरीजों ने बताया कि अक्सर सोते समय चूहे मुंह पर चढ़ जाते हैं. इससे मरीज डर के मारे उठकर बैठ जाते हैं. कई बार बेड से नीचे भी गिर पड़ते हैं. यह स्थिति उस समय है जब इस अस्पताल में केवल गोंडा ही नहीं, आसपास के जिलों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं. इस वीडियो पर डीएम गोंडा प्रियंका निरंजन ने भी संज्ञान लिया है. उन्होंने गोंडा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को जमकर फटकार लगाई है.
अब जांच की बात कह रहे प्रिंसिपल
डीएम की फटकार के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन हरकत में आ गया है. प्रिंसिपल प्रो. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने ऑर्थो वार्ड सहित अन्य सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव कराया है. उन्होंने इस मामले में जांच के भी आदेश दिए हैं. इसी क्रम में वार्डों में भर्ती मरीजों की सुरक्षा को लेकर कई बड़े और अहम फैसले भी लिए हैं. अब वार्डों में मरीजों के साथ केवल एक ही तीमारदार रह सकता है. हालांकि यह बाध्यता मीटिंग टाइम में नहीं होगी. इसी के साथ तीमारदारों को खाने की ज्यादा सामान लेकर जाने पर रोक लग गई है. सभी वार्डों में साफ सफाई को लेकर भी जरूरी इंतजाम किए गए हैं.