MLC गुड्डू जमाली के स्कूल में पढ़ाया जा रहा मजहबी पाठ! जांच करने पहुंची ATS, क्या अब रद्द होगी मान्यता?
सपा नेता MLC गुड्डू जमाली के आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में मजहबी पाठ पढ़ाने का विवाद गहराने लगा है. वायरल वीडियो के बाद यूपी ATS ने स्कूल में पहुंच कर मामले की जांच की, दस्तावेज व डेटा जब्त किए. आरोप है कि स्कूल में धार्मिक कार्यक्रमों और एक धर्म को सर्वोपरि बताया गया. अब स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग तेज होने लगी है.
उत्तर प्रदेश में सपा नेता व एमएलसी गुड्डू जमाली के स्कूल में मजहबी पाठ पढ़ाने का मामला तूल पकड़ने लगा है. वीडियो वायरल होने के बाद यूपी एटीएस बुधवार को जांच करने स्कूल पहुंची. करीब ढाई घंटे तक छानबीन के बाद एटीएस ने कई सारे दस्तावेज और डेटा कलेक्ट किया है. इस दौरान एटीएस ने स्कूल में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों और उनसे जुड़े वीडियो क्लिप भी कब्जे में लिया है. ये वायरल वीडियो एक हफ्ते पहले के बताए जा रहे हैं. एटीएस की जांच के दौरान स्कूल में डीआईओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे.
सूत्रों के मुताबिक एटीएस की जांच में पता चला है कि इस स्कूल में अलग-अलग धर्मों के त्योहारों पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था. इस दौरान बच्चों को उन त्योहारों के बारे में जानकारी दी जाती थी. मामला सीबीएसई पैटर्न के स्कूल आजमगढ़ पब्लिक स्कूल का है. वीडियो वायरल होने के बाद मामला दिन प्रति दिन तूल पकड़ता जा रहा है. इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक लोगों में आक्रोश है. लोग स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग कर रहे हैं.
धर्म विशेष को बताया सर्वोपरि
अधिकारियों के मुताबिक सपा के वरिष्ठ नेता व विधान परिषद सदस्य गुड्डू जमाली के स्कूल आजमगढ़ पब्लिक स्कूल में पिछले दिनों एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. इस कार्यक्रम में विशेष समुदाय को सर्वोपरि बताया गया. यही नहीं, इस धर्म के प्रचार का भी आरोप है. संबंधित वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया था और सपा नेता का पुतला भी फूंका था. वहीं मामला गहराने पर डीएम आजमगढ़ ने डीआईओएस से रिपोर्ट तलब की है.
एटीएस ने भी शुरू की जांच
अभी तक यह मामला आजमगढ़ में ही गरमा रहा था, लेकिन बुधवार को आलक लखनऊ से एटीएस की टीम स्कूल पहुंच गई. इस टीम के साथ डीआईओएस की टीम भी स्कूल पहुंची. इन दोनों टीमों ने लगभग 2 घंटे 34 मिनट तक स्कूल में जांच पड़ताल की. खासतौर पर धार्मिक कट्टरता के पॉइंट पर छानबीन की गई. संबंधित साक्ष्य संकलन किए गए. इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी व स्कूल प्रबंधन ने बयान भी दिए हैं. हालांकि जिलाधिकारी ने पूरे मामले पर रिपोर्ट तलब की है.
मान्यता रद्द करने की मांग
स्कूल में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया में लगातार आवाज उठ रही है. लोग स्कूल की सीबीएसई बोर्ड की मान्यता रद्द करने कीमांग कर रहे हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि ऐसे लोग जो समाज को तोड़ने का काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी एक धर्म की मान्यता को सत्य बताना उचित नहीं. नैतिकता व वैल्यू एजुकेशन के बारे में तो पढ़ाया जा सकता है, लेकिन उसमें सभी धर्म के नैतिक मूल्यों जैसे करुणा ईमानदारी वह भाईचारा जैसे विषयों को पर प्रकाश डाल सकते हैं.