फर्जी कंपनी के जरिए चलाता था हवाला कारोबार, दुबई तक फैला रखा था नेटवर्क, मास्टरमाइंड मोईन अली गिरफ्तार
फर्जी कंपनी के जरिए हवाला कारोबार चलाने का आरोपी मोईन अली को अरेस्ट कर लिया गया है. उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से नकदी के अलावा कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, मंडी समिति का लाइसेंस और जीएसटी से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
बरेली के बारादरी थाना पुलिस ने फर्जी कंपनी के जरिए हवाला कारोबार चलाने के मामले में वांछित चल रहे आरोपी मोईन अली को गिरफ्तार कर लिया है.पुलिस ने उसके कब्जे से 3 लाख रुपये नकद और कंपनी से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए हैं. पूछताछ में उसने मुंबई से दिल्ली तक संचालित रैकिट के राज उगले हैं.
मोईन अली काफी समय से फरार चल रहा था. उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं. पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी. उसके बाद हजियापुर मोड़ स्थित कोल डिपो के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया. गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से नकदी के अलावा कंपनी का पंजीकरण प्रमाणपत्र, मंडी समिति का लाइसेंस और जीएसटी से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं.
दुबई तक फैला रखा था जाल
जांच में सामने आया कि इन खातों में बड़ी रकम जमा कराई जाती थी.इसके बाद रकम को विशेष टोकन नंबर रखने वाले लोगों तक हवाला के माध्यम से पहुंचाया जाता था.पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क दुबई से लेकर दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सक्रिय था.मामले की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सके.
पुलिस के मुताबिक मोईन ने अपने नाम से केजीएन एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी बनाई थी.कंपनी का कार्यालय पीलीभीत बाइपास स्थित एक भवन में संचालित दिखाया गया था.शुरुआती जांच में पता चला है कि कंपनी का उपयोग वास्तविक व्यापारिक गतिविधियों के लिए नहीं बल्कि कथित रूप से धन के अवैध लेनदेन के लिए किया जा रहा था.
पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
यह पूरा मामला सात जून को बारादरी थाने में दर्ज किया गया था.उस समय पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोईन के चचेरे भाई जमीर अहमद और उसके साथी जगदीश चोटिया को गिरफ्तार किया था.उस कार्रवाई के दौरान करीब 35 लाख रुपये बरामद किए गए थे.उसी मामले में मोईन अली को भी नामजद किया गया था, लेकिन वह फरार हो गया था.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोईन अली के खिलाफ वर्ष 2023 में जुआ अधिनियम के तहत भी एक मुकदमा दर्ज हो चुका है.अधिकारियों का कहना है कि उसे अपने खिलाफ दर्ज मामले की जानकारी मिल गई थी, जिसके बाद वह बरेली छोड़ने की तैयारी में था.इसी दौरान पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस के हाथ लगी कई जरूरी जानकारियां
एएसपी शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि पूछताछ में मोईन अली ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं.उसके अनुसार उसके चचेरे भाई जमीर अहमद के माध्यम से उसकी पहचान दुबई में रहने वाले अली जीशान से हुई थी.आरोप है कि अली जीशान ने भारत में फर्जी कंपनियां खुलवाकर उनके नाम से बैंक खाते संचालित कराने की योजना बनाई थी.
