बरेली में बसने जा रहा नया शहर! BDA बनाएगा 270 हेक्टेयर में आधुनिक टाउनशिप
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) पीलीभीत रोड पर एक नई आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रहा है. 27 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है और लक्ष्य 270 हेक्टेयर का है. किसानों की सहमति से जमीन अधिग्रहण हो रहा है. यह महायोजना 13 सेक्टरों में विकसित होगी, जिसमें सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी.
बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की महत्वाकांक्षी पीलीभीत रोड टाउनशिप योजना तेजी से आकार ले रही है. शहर के विस्तार और बेहतर आवासीय सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही इस परियोजना के लिए अब तक करीब 27 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है. BDA का लक्ष्य लगभग 270 हेक्टेयर क्षेत्र में नई टाउनशिप विकसित करना है.
यह नई टाउनशिप पीलीभीत रोड और दिल्ली-लखनऊ बड़े बाइपास के बीच विकसित की जा रही है. भविष्य में इस इलाके को राष्ट्रीय राजमार्ग से भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे आने-जाने में आसानी होगी. बीडीए का मानना है कि यह परियोजना शहर के विकास में अहम भूमिका निभाएगी और लोगों को बेहतर आवासीय विकल्प उपलब्ध कराएगी.
किसानों की सहमति से जमीन की खरीदी
इस योजना की खास बात यह है कि जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा रहा है. बीडीए किसानों से आपसी सहमति के आधार पर सीधे जमीन खरीद रहा है. तय दरों पर किसानों को भुगतान किया जा रहा है, जिससे विवाद की संभावना भी कम हो रही है. प्राधिकरण लगातार किसानों से संपर्क बनाए हुए है और रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेजी से पूरी कराई जा रही है.
इस योजना के तहत कुम्हरा, नवदिया, अडूपुरा जागीर, कलापुर, हरिहरपुर, अहलादपुर, आसपुर खूबचंद्र, मोहरनियां समेत नौ गांवों की भूमि को शामिल किया गया है. इन क्षेत्रों में आधुनिक आवासीय कॉलोनियों के साथ पार्क, हरित क्षेत्र, चौड़ी सड़कें, पेयजल, बिजली, सीवरेज और जल निकासी जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
13 सेक्टर में विकसित होगी पूरी योजना
बीडीए की सचिव वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि पूरी टाउनशिप को 13 अलग-अलग सेक्टरों में विकसित किया जाएगा. प्रत्येक सेक्टर का लेआउट भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि लोगों को बेहतर और व्यवस्थित आवासीय वातावरण मिल सके.
प्राधिकरण का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर पर बढ़ते आबादी के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही यह क्षेत्र बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक सुविधाओं के कारण निवेश और आवास के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा. BDA के अनुसार, जैसे-जैसे जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे-वैसे विकास कार्य भी शुरू हो जाएंगे.
