बरेली में पीलीभीत बाइपास पर बनेगी आधुनिक टाउनशिप, ये है पूरा प्लान
बरेली के पीलीभीत बाइपास रोड को विकास का नया केंद्र बनाने की तैयारी तेज हो गई है. बरेली विकास प्राधिकरण ने आधुनिक टाउनशिप के लिए करीब 117 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी कर ली है. नौ गांवों में 258 बैनामों के जरिए खरीदी गई जमीन के बदले किसानों को करीब 560 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. प्रस्तावित टाउनशिप में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्र के साथ चौड़ी सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, पार्क, हरित क्षेत्र, स्कूल, अस्पताल और खेल सुविधाएं विकसित करने की योजना है.
बरेली में पीलीभीत बाइपास रोड अब शहर के विकास का नया केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने यहां प्रस्तावित आधुनिक टाउनशिप के लिए करीब 117 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया है. जमीन देने वाले किसानों को इसके बदले करीब 560 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. भूमि खरीद की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पूरी की गई है और अब टाउनशिप परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी गई है.
प्रस्तावित टाउनशिप सिर्फ आवासीय परियोजना तक सीमित नहीं होगी. इसमें आवास के साथ कारोबार, हरित क्षेत्र, चौड़ी सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को एक साथ विकसित करने की योजना है. माना जा रहा है कि परियोजना के आकार लेने के बाद पीलीभीत बाइपास और इसके आसपास के इलाकों में जमीन, आवास और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आ सकती है.
नौ गांवों में खरीदी गई जमीन
बीडीए ने टाउनशिप के लिए बरेली जिले के नौ गांवों में भूमि खरीदी है. इनमें कुम्हरा, नवदिया कुर्मियान, अडूपुरा जागीर, आसपुर खूबचंद, वरकापुर, हरहरपुर, कलापुर, अहिलादपुर और मोहरिया शामिल हैं. प्राधिकरण के अनुसार इन गांवों में कुल 258 बैनामों के जरिए जमीन खरीदने की प्रक्रिया पूरी की गई है. करीब 117 हेक्टेयर जमीन परियोजना के लिए उपलब्ध होने के बाद अब टाउनशिप के विकास की अगली प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है.
किसानों को करीब 560 करोड़ रुपये का भुगतान
टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले किसानों को बीडीए की ओर से करीब 560 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. बड़ी भूमि परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक माना जाता है. ऐसे में जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी होना टाउनशिप परियोजना के लिए अहम पड़ाव है. किसानों से जमीन खरीद की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप की गई है. इससे परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का बड़ा हिस्सा अब बीडीए के पास उपलब्ध हो गया है.
सिर्फ मकान नहीं, कारोबार के लिए भी जगह
प्रस्तावित टाउनशिप में केवल आवासीय कॉलोनियां विकसित करने की योजना नहीं है. यहां लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की गतिविधियों के लिए स्थान रखा जाएगा. इसका मतलब यह है कि टाउनशिप में रहने वाले लोगों को खरीदारी और दूसरी आवश्यक सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी. व्यावसायिक क्षेत्रों के विकसित होने से आसपास छोटे-बड़े कारोबार और रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैंय
जलापूर्ति से लेकर सीवरेज तक आधुनिक सुविधाएं
बीडीए की योजना के मुताबिक, टाउनशिप में आधुनिक जलापूर्ति व्यवस्था विकसित की जाएगी. इसके साथ ही सीवरेज और बारिश के पानी की निकासी के लिए भी व्यवस्थित सिस्टम तैयार किया जाएगा. शहरों में नई टाउनशिप विकसित करते समय जल निकासी और सीवरेज को लेकर अक्सर बड़ी चुनौती सामने आती है. ऐसे में परियोजना की शुरुआती प्लानिंग में ही इन व्यवस्थाओं को शामिल करने से भविष्य में जलभराव और सीवरेज से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है.
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी जमीन
टाउनशिप में रहने वाली आबादी की जरूरतों को देखते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए भी स्थान उपलब्ध कराया जाएगा. इसके साथ ही सामुदायिक केंद्र विकसित करने की योजना है. खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए खेल सुविधाओं के विकास का भी प्रस्ताव है. पार्क, हरित क्षेत्र और खेल सुविधाएं टाउनशिप को केवल मकानों का समूह बनाने के बजाय एक व्यवस्थित आवासीय क्षेत्र का स्वरूप देने में मदद कर सकती हैं.
