बरेली में अब त्रिशूल तिराहा कहलाएगा ‘त्रिलोकी चौक’, कमल शिल्प और फव्वारे से बदलेगा पूरा लुक

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) त्रिशूल तिराहे को 'त्रिलोकी चौक' में बदल रहा है. यह योजना बरेली की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक विकास से जोड़ेगी. आइलैंड पर कमल शिल्प, फव्वारे और देवी पार्वती की फोकस वॉल इसे शहर के मुख्य आकर्षण बनाएगा.

बरेली का त्रिशूल तिराहा अब त्रिलोकी चौक

बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक विकास से जोड़ने की दिशा में एक और योजना तैयार की है. शहर के प्रमुख त्रिशूल तिराहे को अब त्रिलोकी चौक के रूप में विकसित करने की तैयारी है. चौक की मौजूदा त्रिकोणीय संरचना को ध्यान में रखते हुए यहां के आइलैंड को आकर्षक तरीके से विकसित किया जाएगा. आइलैंड के बीचों बीच महाशक्ति के प्रतीक के रूप में कमल का शिल्प लगाया जाएगा.

बीडीए की योजना के मुताबिक, चौक को केवल सुंदर बनाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा जाएगा. यहां लैंडस्केपिंग के साथ सजावटी पौधे, हरियाली और रंग-बिरंगे फूल लगाए जाएंगे. इसके अलावा फव्वारे और फोकस वॉल भी तैयार की जाएगी. कोशिश है कि पीलीभीत रोड से शहर में प्रवेश करने वाले लोगों को यहां से ही बरेली की धार्मिक पहचान की झलक दिखाई दे.

शक्ति के स्वरूप पर आधारित होगी थीम

त्रिशूल तिराहा एयरफोर्स क्षेत्र के नजदीक होने के साथ ही नाथ कॉरिडोर से भी जुड़ा हुआ है. इसी वजह से बीडीए ने यहां की थीम को शक्ति के स्वरूप से जोड़ने का फैसला किया है. त्रिकोणीय आइलैंड के केंद्र में कमल शिल्प स्थापित किया जाएगा. कमल को शक्ति, नारी शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के प्रतीक के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा.

आइलैंड के आसपास हरियाली और फूलों की क्यारियां विकसित की जाएंगी. सजावटी पौधों के साथ अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को भी डिजाइन में शामिल किया जाएगा. इससे चौक का पूरा स्वरूप सामान्य तिराहे से अलग और आकर्षक नजर आएगा.

फोकस वॉल पर दिखेगी देवी पार्वती की छवि

चौक के सामने सड़क के दूसरी तरफ एक बड़ी फोकस वॉल विकसित की जाएगी. इस वॉल पर देवी पार्वती को शक्ति के स्वरूप में दर्शाने की योजना है. डिजाइन में नाथ परंपरा और भारतीय आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थापत्य और कलात्मक तत्वों को भी जगह दी जाएगी. फोकस वॉल के सामने फव्वारा बनाया जाएगा.

इसके आसपास हरित क्षेत्र और फूलों की क्यारियां विकसित होंगी. वॉल पर बीडीए और नाथ कॉरिडोर की ब्रांडिंग भी दिखाई देगी. इस तरह आने वाले समय में यह स्थान शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल करने की तैयारी है.

विश्वनाथ द्वार तक दिखेगी एक जैसी थीम

त्रिलोकी चौक को नाथ कॉरिडोर की थीम से जोड़ने की योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी मार्ग पर आगे बीडीए की ओर से विश्वनाथ द्वार का निर्माण कराया जा रहा है. भविष्य में पीलीभीत रोड के चौड़ीकरण को भी इसी धार्मिक और सांस्कृतिक थीम के अनुरूप विकसित करने की तैयारी है. इससे त्रिशूल तिराहे से लेकर विश्वनाथ द्वार तक सड़क और आसपास के क्षेत्र में एक जैसी डिजाइन और थीम दिखाई दे सकती है.

बीडीए का उद्देश्य है कि सड़क चौड़ीकरण के साथ शहर का प्रवेश मार्ग भी आकर्षक बने और बरेली की नाथ नगरी वाली पहचान को मजबूती मिले. इससे शहर के विकास के साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के मुताबिक, शहर की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक शहरी विकास से जोड़कर काम किया जा रहा है.

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