HPCL डबल मर्डर केस: आरोपी अजय सिंह की 6 दुकानों पर चला बुलडोजर, एक्शन में पुलिस

बदायूं के HPCL डबल मर्डर केस के आरोपी अजय सिंह के दुकानों पर लोक निर्माण विभाग (PWD) की तरफ से नोटिस चस्पा किया गया था. निर्धारित समय के भीतर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे. समय सीमा में निर्माण न हटाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दुकानों को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.

HPCL डबल मर्डर केस

बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैंजनी गांव में स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के मामले में आरोपी अजय सिंह के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उसकी छह दुकानों को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया. मंगलवार को नायब तहसीलदार दातागंज की मौजूदगी में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची. अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाकर दुकानों को जमींदोज करा दिया.

आरोपी की 6 दुकानों को जमींदोज किया गया

बताया जा रहा है कि दो दिन पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से आरोपी की दुकानों पर नोटिस चस्पा किया गया था और निर्धारित समय के भीतर निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे. समय सीमा में निर्माण न हटाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए आरोपी की 6 दुकानों को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.

हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी टीम गठित

गौरतलब है कि एचपीसीएल प्लांट में कार्यरत दो अधिकारियों की गोली मारकर हत्या के बाद मामला काफी चर्चा में है. घटना के बाद शासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. सोमवार को एसआईटी की टीम भी एचपीसीएल प्लांट पहुंचकर जांच शुरू कर चुकी है.

12 मार्च को HPCL के दो अधिकारियों की हुई थी हत्या

हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कम्प्रेस्ड बायोगैस प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की 12 मार्च को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि नौकरी से निकाले जाने और ब्लैकलिस्ट किए जाने की रंजिश के कारण उसने डिप्टी जनरल मैनेजर सुधीर गुप्ता और एजीएम हर्षित मिश्रा की हत्या की थी.

कुछ अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में कुछ अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है. वहीं प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आरोपी और उसके परिवार से जुड़े अन्य अवैध निर्माण भी जांच के दायरे में लिए जा सकते हैं. फिर उनपर ऐसी ही कार्रवाई हो सकती है.

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