‘न छोटे सपने देखने हैं, न किसी से डरने की जरूरत है’, महिला दिवस पर CM योगी का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कहा कि नारी का सम्मान समस्त समाज के लिए सर्वोपरि होना चाहिए.' स्मरण रहे -जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात मां एवं मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं.' साथ ही यूपी की बेटियों को न डरने और बड़े सपने देखने का संदेश दिया है.

सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यूपी की बेटियों को न डरने और बड़े सपने देखने का संदेश दिया है. उन्होंने योगी की पाती में ‘मिशन शक्ति’ व ‘कन्या सुमंगला’ जैसी योजनाओं से महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने की बात कही. साथ ही कहा कि नारी का सम्मान समस्त समाज के लिए सर्वोपरि होना चाहिए.

सीएम योगी ने कहा, ‘ स्वर्गादपि गरीयसी अर्थात मां एवं मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर हैं. प्रदेश की सम्मानित बेटियों, आपको न किसी से डरने की आवश्यकता है, न छोटे सपने देखने है. सरकार की विभिन्न योजनाएं आपके सपनों की उड़ान को पंख दे
रही हैं. आप विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य में केवल सहभागिता तक सीमित न रहें, अपितु अग्रणी भूमिका निभाएं.’

सुरक्षा, गरिमा, आत्मनिर्भरता के प्रति दढ़-संकल्पित

मुख्यमंत्री योगी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सशक्त समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. सरकार आधी आबादी की सुरक्षा, गरिमा एवं आत्मनिर्भरता के प्रति दढ़-संकल्पित है. मिशन शक्ति और एंटी रोमियो जैसे अभियानों ने बेटियों के विरुद्ध अपराध करने वालों के मन में डर पैदा किया है.

साथ ही कहा, ‘याद करिए, 2017 से पहले शाम होते ही घर से बाहर निकलने में बेटियां घबराती थीं. स्कूल-कॉलेज
तक जाने में डर लगता था. महिलाओं के साथ अपराध आम बात थी, लेकिन आज बेटियां रात की पाली में भी काम कर रही हैं.’ मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट नीति और साफ नीयत से ही संभव हुआ है.

नारी शक्ति आज स्वावलंबन का नया अध्याय रच रही

सीएम ने कहा कि जहां बेटियां सुरक्षित और सम्मानित होती हैं, वहां समाज सतत प्रगति करता है. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के जन्म से शिक्षा तक पग-पग पर साथ है. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से गरीब परिवारों के लिए आत्मसम्मान के साथ बेटियों का विवाह संभव हुआ है. निराश्रित महिलाओं की पेंशन बढ़ाकर ₹1,500 की गई है.

उन्होंने कहा कि आज छात्राओं के ड्रॉपआउट रेट में भारी कमी आई है. मातृ मृत्युदर एवं शिशु मृत्मुदर में अभूतपूर्व गिरावट आई है. शिक्षा से रोजगार तक बेटिमों को समान अवसर मिल रहे हैं. यूपी की नारी शक्ति आज स्वावलंबन का नया अध्याय रच रही है. स्टार्टअप से उदयमी क्रेडिट कार्ड तक हर ओर उद्यमिता के अवसर है. अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं.

बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाओगे तो धरती पर जगह नहीं मिलेगी

मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘अगर बेटी सुरक्षित हुई है, तो उत्तर प्रदेश का हर नागरिक सुरक्षित हुआ है. हमारी भारतीय संस्कृति में नारी को केवल परिवार की धुरी नहीं माना गया है, उसे सृजन, शक्ति और संस्कार की मूल प्रेरणा माना गया है, बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाओगे तो धरती पर जगह नहीं मिलेगी.