मैनाठेर कांड: DIG को मौके पर अकेला छोड़ा, DM पर भी हो कार्रवाई… कांग्रेस की मांग; CM योगी को लिखा पत्र
मैनाठेर कांड में 15 साल बाद 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है. पुलिस पर छेड़छाड़ की अफवाह के बाद भड़के इस बवाल में तत्कालीन DIG समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे. इस पर अब कांग्रेस ने सीएम योगी को पत्र लिखा है, जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताते हुए कार्रवाई की मांग की.
मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र में 15 साल पहले हुए हिंसक बवाल के मामले में हाल ही में कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने इस मामले के 16 दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इस फैसले के बाद जनपद की सियासत में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस ने इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है.
मुरादाबाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष विनोद गुम्बर ने पत्र में मांग की है कि 15 साल पुराने इस बवाल के दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी की भूमिका की जांच की जाए है. पत्र में कहा है कि जब इलाके में हिंसा भड़की थी, तब तत्कालीन जिलाधिकारी ने स्थिति को संभालने के बजाय डीआईजी को मौके पर अकेला छोड़ दिया था. यह कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही है.
सख्त कार्यवाही हो, ताकि भविष्य के लिए नजीर बने
कांग्रेस का आरोप है कि उस संकट के समय प्रशासनिक अधिकारियों, खासकर जिलाधिकारी की भूमिका संदिग्ध थी, जिसकी जांच और जवाबदेही तय होनी अनिवार्य है. कांगेस नेता ने मांग की है कि जिन 16 लोगों को सजा मिली है, वे न्याय प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्यवाही होनी चाहिए, ताकि भविष्य के लिए नजीर पेश हो सके.
यह घटना 6 जुलाई 2011 में मैनाठेर थाना क्षेत्र में हुआ था, जब पुलिस छेड़छाड़ के आरोपी के घर दबिश देने गई थी. आरोपी ने अफवाह फैलाई कि पुलिस ने महिलाओं के साथ अभद्रता की है, धार्मिक पुस्तक का अपमान किया. इस अफवाह ने कुछ ही समय में बलवे और आगजनी का रूप धारण कर लिया. पुलिस के कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया.
DIG मौके पर ही हो गए बेहोश, 3 दिन बाद होश आया
साथ ही मौके पर पहुंचे तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार पर जान लेने की नीयत से हमला किया. लाठी-डंडों और हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने डीआईजी को घेरकर हमले किए, जिससे वह मौके पर ही बेहोश हो गए थे. इस हमले में डीआईजी को गंभीर चोटें आईं, उनकी कॉलर बोन कई जगहों से फ्रैक्चर हो गया था. डीआईजी को तीन दिन बाद होश आया था.
हमलावरों की भीड़ ने डीआईजी की पिस्टल भी छीन ली थी. इस मामले में पुलिस ने 25 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. कोर्ट ने मामले में 16 आरोपियों को दोषी ठहराया, 3 आरोपियों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 नाबालिग आरोपियों की सुनवाई चल रही है. ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत 15 साल बाद कोर्ट ने 28 मार्च 2026 को मामले में फैसला सुनाया.
