नकली नोट से लेकर गैंग कंट्रोल तक… धुरंधर-2 में ‘आतिफ’ का माफिया अतीक से क्या है कनेक्शन?
फिल्म धुरंधर 2 आज से सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इसके चलते, माफिया अतीक अहमद एक बार फिर से सुर्खियों में है. फिल्म में 'आतिफ अहमद' का किरदार माफिया अतीक से प्रेरित है. फिल्म में अतीक के नकली नोटों के धंधे, पाकिस्तान कनेक्शन और जेल से नेटवर्क चलाने की कहानी बयां की गई है.
उत्तर प्रदेश का माफिया डॉन और गैंगस्टर से नेता बने अतीक अहमद एक बार फिर से इन दिनों चर्चा में है. कारण है, फिल्म धुरंधर-2. आदित्य धर के निर्देशन में बनी यह फिल्म आज से सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. इसमें दिखाया गया एक किरदार माफिया अतीक अहमद से प्रेरित है. हालांकि, फिल्म में इसका नाम अतीक नहीं बल्कि ‘आतिफ अहमद’ है.
फिल्म धुरंधर-2 को देखने के लिए सिनेमाघरों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. फिल्म अपने धुरंधर पार्ट-1 की ही कहानी को आगे बढ़ाती है. जमील जमाली की जिहादी सोच और हमजा अली मजारी के मिशन समेत इसमें कई पहलू हैं. इसके बीच माफिया अतीक अहमद और उसके जेल के भीतर से गैंग चलाने का जिक्र काफी दिलचस्प और चौंकाने वाला है.
‘जब तक अतीक अहमद है, जेल में या बाहर…’
फिल्म में ‘आतिफ अहमद’ का किरदार सलीम सिद्दीकी ने निभाया है, जो कपड़े पहने के ढंग से लेकर पूरी तरह से अतीक अहमद की कहानी बयां करती है. फिल्म में आतिफ यानी अतीक और मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) के बीच के गहरे रिश्ते को दिखाया गया है. दोनों नकली नोट सप्लाई करने की बात करते हैं और भारत में नोटबंदी पर चौंक जाते हैं.
यह फिल्म नकली नोट, पाकिस्तान कनेक्शन और नोटबंदी जैसे विषयों को जोड़कर अतीक के वास्तविक जीवन के पहलुओं को दर्शाती है. उसे एक ऐसे बाहुबली के रूप में दिखाया गया है, जो गैंगस्टर होते हुए राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. इसमें एक डायलॉग भी है- ‘जब तक अतीक अहमद है, जेल में या बाहर… वो सब संभाल लेगा.’
17 की उम्र में पहली हत्या, 160 से ज्यादा केस
इस एक डायलॉग से अतीक के अतीत के बारे में समझा जा सकता है कि वह यूपी में किस कदर गदर मचाता होगा. फिल्म में आदित्य धर ने बड़ी सलीके के साथ अतीक के किरदार को फिल्माया है, जो उसके असली जीवन से मेल खाते नजर आते हैं. फिल्म काफी ट्विस्ट लेकर आती है, जिसे आप सिनेमाघरों में जाकर भरपूर आनंद ले सकते हैं.
अतीक अहमद का जन्म प्रयागराज में हुआ था, वह बचपन में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था. महज 17 साल की उम्र में उसने पहली हत्या कर दी थी. उसपर मर्डर, धमकाने, लूट समेत 160 से ज्यादा मुकदमे थे. अतीक ने 1989 में राजनीति में कदम रखा और इलाहाबाद पश्चिम सीट से निर्दलीय विधायक चुन कर विधानसभा पहुंचा था.
2023 में पुलिस कस्टडी में हुई थी अतीक की मौत
माफिया अतीक अहमद, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और अपना दल (कमेरावादी) से भी जुड़ा था. वह सपा के टिकट पर एक बार फूलपुर से लोकसभा भी पहुंचा था. इसके बाद, जेल से साल 2019 तक चुनाव लड़ता रहा. वहीं, 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस कस्टडी से हॉस्पिटल ले जाते समय कुछ हमलावरों ने उसे ढेर कर दिया था.
