मां को बचाने कुएं में कूदी बेटी की मौत, होली पर पति-पत्नी के झगड़े में बिखर गया परिवार
इटावा में होली के दिन एक हृदयविदारक घटना घटी. पति से विवाद के बाद पत्नी ने कुएं में छलांग लगा दी. मां को डूबता देख बड़ी बेटी भी बचाने के लिए कूद गई. ग्रामीणों ने मां को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन चार घंटे चले रेस्क्यू के बाद बेटी का शव मिला. हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छाया हुआ है.
उत्तर प्रदेश इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र के लालपुरा गांव में होली के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया. पति पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद गुस्से में महिला ने घर के पास बने पुराने कुएं में छलांग लगा दी. मां को डूबता देख 18 साल की बड़ी बेटी भी उसे बचाने के लिए कूद गई. ग्रामीणों ने मां को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन बेटी की जान नहीं बच सकी.
घटना बुधवार शाम की है. परिवार के मुताबिक पति ऑटो लेकर सवारियां ढोने के लिए घर से निकल रहे थे. पत्नी ने उन्हें त्योहार के दिन काम पर जाने से मना किया. इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई थी. इस झगड़े में अब बेटी की मौत हो गई है. करीब चार घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद युवती का शव बाहर निकाला गया.
मां को गिरता देख बेटी ने भी लगा दी छलांग
पति और पत्नी के बीच विवाद बढ़ने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया था. बताया गया कि उस समय घर के अन्य सदस्य ताऊ अखिलेश के मकान पर थे. इसी बीच नाराज होकर महिला घर से बाहर निकली और पास में बने पुराने कुएं तक पहुंच गई. और उसने अचानक कुएं में छलांग लगा दी. किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी.
वहीं, मां को गिरता देख बड़ी बेटी भूमि घबरा गई और बिना देर किए उसे बचाने के लिए पीछे से कुएं में कूद गई. कुछ ही पलों में घर में चीख पुकार मच गई और आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचने लगे. ग्रामीणों ने तुरंत बचाव का प्रयास शुरू किया. एक ने हिम्मत दिखाते हुए कुएं में उतरकर महिला को बाहर निकाल लिया. लेकिन बेटी दिखाई नहीं दे रही थी.
पुलिस-फायर ब्रिगेड ने चलाया सर्च अभियान
घटना की सूचना मिलते ही बकेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. थानाध्यक्ष विपिन मलिक और महेवा चौकी इंचार्ज रजनीश तिवारी ने फायर ब्रिगेड टीम को बुलाया. रस्सियों और अन्य उपकरणों की मदद से कुएं में तलाश शुरू की गई. करीब चार घंटे तक लगातार सर्च अभियान चलता रहा. देर रात युवती का शव कुएं से बाहर निकाला गया.
राकेश कुमार ने बताया कि घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घायल महिला को महेवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. मृतका भूमि पांच बहनों में सबसे बड़ी थी. हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छाया हुआ है. होली का दिन परिवार के लिए ऐसी त्रासदी लेकर आया, जिसे लंबे समय तक याद रखेंगे.