शादी में 25 लाख, कार और जेवर लेने पर भी मन नहीं भरा, अब 1 करोड़ रुपये दहेज के लिए पत्नी को छोड़ा

इटावा के जय भारत कॉलोनी की रहने वाली हेमलता की शादी दीप्तेश पासवान के साथ हुई थी. उस वक्त हेमलता के माता-पिता ने दीप्तेश के परिवार को दहेज के तौर पर कार, जेवरात, घरेलू सामान और 25 लाख रुपये दिए थे. इसके बावजूद ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं था. अब करोड़ रुपये दहेज के लिए लेखपाल पति ने अपनी पत्नी को छोड दिया.

1 करोड़ रुपये दहेज के लिए पति ने पत्नी को छोड़ा

इटावा में सरकारी लेखपाल पर उसकी पत्नी ने दहेज के लिए एक करोड़ रुपये मांगने, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने और फिर मायके में छोड़ देने का आरोप लगाया है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में पति समेत 17 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज लिया है. पुलिस ने मामले की जांच की भी शुरुआत कर दी है.

इटावा के जय भारत कॉलोनी की रहने वाली हेमलता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी 12 नवंबर 2024 को दीप्तेश पासवान के साथ हुई थी. दीप्तेश पासवान वर्तमान में बलरामपुर जिले की उतरौला तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात है. शादी के समय लड़की पक्ष ने कार, जेवरात, घरेलू सामान और 25 लाख रुपये नकद दहेज में दिया था. इसके बावजूद ससुराल पक्ष इससे संतुष्ट नहीं था.

पहली रात से दहेज की मांग

पीड़िता के अनुसार शादी की पहली ही रात पति ने दहेज कम मिलने की बात कहते हुए ताने दिए. उसने खुद को सरकारी लेखपाल बताते हुए कहा कि उसकी आमदनी वेतन से कई गुना अधिक है. इसके बाद बड़ी कार और एक करोड़ रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी गई. साथ ही हाईवे पर पेट्रोल पंप के लिए दो बीघा जमीन दिलाने का दबाव भी बनाया गया.

लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना

हेमलता ने आरोप लगाया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे एक कमरे में बंद कर भूखा प्यासा रखा जाता था. रसोई में खाना बनाते समय सास और देवरानियां गरम तेल में पानी डालकर उस पर छींटे मारती थीं, जिससे वह कई बार झुलस गई. खाने में जहरीले पदार्थ और नींद की गोलियां मिलाने के आरोप भी लगाए गए हैं.

घरेलू सामान को लेकर मारपीट

पीड़िता का कहना है कि दहेज में लाए गए घरेलू सामान का इस्तेमाल करने से उसे रोका जाता था. गलती से भी अगर वह वॉशिंग मशीन या डायनिंग टेबल का उपयोग कर लेती थी तो उसके साथ मारपीट की जाती थी. बीमार होने के बावजूद उसका इलाज नहीं कराया गया और लगातार डर का माहौल बनाया गया.

भाईदूज पर मायके छोड़ने का मामला

तहरीर में बताया गया कि 21 अक्टूबर 2025 को भाईदूज के मौके पर पति उसे मायके महेवा ले गया और बाद में बहाने से वहीं छोड़कर चला गया. इसके बाद फोन करने पर वह एसआईआर ड्यूटी का हवाला देकर बात टालता रहा और ससुराल पक्ष ने साफ कह दिया कि एक करोड़ रुपये लाने पर ही उसे वापस रखा जाएगा.

पुलिस कार्रवाई और जांच

फ्रेंड्स कॉलोनी थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि महिला की शिकायत पर पति दीप्तेश पासवान समेत 17 लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपों की गहनता से पड़ताल की जा रही है.