पर्चे के इंतजार में बुझ गई जिंदगी! स्ट्रेचर पर तड़पते हुए मरीज ने तोड़ा दम, हड़कंप
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में पर्चे की औपचारिकता के चलते एक मरीज ने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया. डॉक्टरों ने बिना नए पर्चे के इलाज से मना कर दिया था् उधर, काउंटर पर लंबी कतार के कारण पर्चा मिलने में देरी हुई, जिससे महावीर सिंह की जान चली गई. परिजनों ने चिकित्सा लापरवाही का आरोप लगाया है, और जिलाधिकारी ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में एक बार फिर स्वास्थ्य का असली चेहरा सामने आ गया है. यहां 200 शैया अस्पताल में इलाज के लिए आए एक मरीज को डॉक्टरों ने बिना नए पर्चे के देखने से मना कर दिया. चूंकि पर्चे वाले काउंटर पर काफी भीड़ थी. ऐसे में जब तक पर्चा बनकर आया, तब तक मरीज ने स्ट्रेचर पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया.
जानकारी के मुताबिक नारखी क्षेत्र के आतीपुर निवासी 55 वर्षीय महावीर सिंह की तबियत बेहद खराब थी. परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल की इमरजेंसी में लाए थे. परिजनों का कहना है कि महावीर सिंह को तत्काल इलाज की जरूरत थी. लेकिन डॉक्टरों ने कह दिया कि पहले नया पर्चा बनवाओ. उधर, काउंटर पर काफी भीड़ थी और पर्चा बनवाने में काफी वक्त लग गया. जब तक पर्चा बनकर आया, उससे पहले ही महावीर ने दम तोड़ दिया था.
औपचारिकता ने ली जान
मृतक महावीर सिंह के बेटे ने आरोप लगाया कि उसके पिता को तत्काल इलाज की जरूरत थी. यदि उसी समय डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया होता तो उसके पिता की जान शायद बच जाती. लेकिन यहां डॉक्टरों ने औपचारिकता में उलझाकर रख दिया. इसकी वजह से उसके पिता को समय रहते इलाज नहीं मिला सका और उनकी मौत हो गई. इससे परिजनों में गुस्सा भड़क गया और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया.
डीएम ने दिए जांच के आदेश
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मुश्किल से परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया. उधर, घटना की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने खुद संज्ञान लिया है. उन्होंने मामले की जांच कराने के आदेश दिए हैं. डीएम के सख्त तेवर देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी हरकत में आ गया है. मेडिकल कॉलेज में इंटरनल जांच शुरू हो गई है. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने बताया कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी.
