हरनंदीपुरम योजना को लगा पंख! योगी सरकार ने मंजूर किए ₹943.37 करोड़, जानें क्यों खास है प्रोजेक्ट
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना को ₹943.37 करोड़ की अवशेष सीड कैपिटल स्वीकृत हुई है. यह वित्तीय संबल परियोजना के भूमि अधिग्रहण और आधारभूत विकास कार्यों में तेजी लाएगा. 501 हेक्टेयर में विकसित हो रही यह योजना दिल्ली-एनसीआर में एक आधुनिक, हरित और सुव्यवस्थित शहरी मॉडल स्थापित करेगी, जो आवासीय और निवेश दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है.
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी हरनंदीपुरम योजना की राह का बड़ा रोड़ा साफ हो गा है. उत्तर प्रदेश सरकार से इस योजना को एक महत्वपूर्ण वित्तीय संबल दिया है. मुख्यमंत्री शहरी विस्तार और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत शासन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹943.37 करोड़ की अवशेष सीड कैपिटल स्वीकृत कर दी है. इससे योजना केलिए भूमि अर्जन एवं आधारभूत विकास कार्यों को गति मिलेगी.
हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की अब तक की सबसे बड़ी और दूरदर्शी आवासीय टाउनशिप परियोजनाओं में से एक है. यह परियोजना लगभग 501 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आठ गांवों—मथुरापुर, शमशेर, चम्पतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोर्टा एवं मोर्टा में विकसित की जा रही है. परियोजना का प्रथम चरण लगभग 48 हेक्टेयर भूमि पर प्रारंभ किए जाने की तैयारी है.
योजना में क्या खास?
इस परियोजना का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि एक आधुनिक, सुव्यवस्थित, हरित एवं (Sustainable) शहरी विकास मॉडल स्थापित करना है। इस योजना में गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज, विद्युत, वर्षा जल संचयन, हरित क्षेत्र, सामाजिक एवं सामुदायिक सुविधाओं सहित आधुनिक नगरीय अवसंरचना विकसित करना है. शासनादेश में भी पर्यावरण संरक्षण, भू-जल संवर्धन, तकनीकी स्वीकृतियों, गुणवत्ता नियंत्रण तथा सभी वैधानिक अनुमतियों का पालन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.
GDA की महत्वाकांक्षी योजना
हरनंदीपुरम योजना दिल्ली-एनसीआर के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में एक विश्वस्तरीय टाउनशिप के रूप में विकसित की जा रही है. राजनगर एक्सटेंशन के समीप स्थित यह परियोजना नमो भारत कॉरिडोर, मेट्रो, प्रमुख एक्सप्रेसवे तथा प्रस्तावित आउटर रिंग रोड जैसी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी से जुड़ी होगी. इससे यह आवासीय एवं निवेश दोनों दृष्टियों से अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना बन रही है.
