गोरखपुर: टीचर निकला 10 साल के वैभव का कातिल, AI से ली लॉरेंस गैंग की जानकारी, फिर बनाया खौफनाक प्लान
गोरखपुर में सर्राफा व्यापारी के 10 वर्षीय पोते की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. कंप्यूटर टीचर ने 36 लाख रुपये के कर्ज के कारण अपहरण की योजना बनाई थी. उसने अपहरण के बाद मासूम की हत्या कर दी. फिर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारी से एक करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी.
गोरखपुर में सर्राफा व्यापारी के 10 वर्षीय पोते वैभव की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके कंप्यूटर टीचर सर्वेश उर्फ बिट्टू भट्ट को गिरफ्तार किया है. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल करते हुए बताया कि वह करीब 36 लाख रुपये के कर्ज में डूबा था और इसी से परेशान होकर उसने वैभव के अपहरण की साजिश रची थी.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपहरण की योजना बनाने से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के काम करने के तरीके की जानकारी जुटाई थी. इसके बाद वैभव को अपहरण करने की योजना शुरू कर दी. उसने इंटरनेट से 199 में कंबोडिया का मोबाइल नंबर खरीदा और उस नबर से व्हाट्सएप अकाउंट भी बनाया था.
गिफ्ट का लालच देकर बुलाया, गला दबाकर हत्या
पुलिस के अनुसार, सर्वेश ने वैभव को गिफ्ट देने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था. वैभव उसके कंप्यूटर कोचिंग सेंटर में पढ़ता था, इसलिए बच्चा उस पर भरोसा करता था. आरोपी उसे लेकर गया, लेकिन रास्ते में वैभव के शोर मचाने पर उसने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव को बोरी में भरकर अपने घर के बेसमेंट में अनाज के पास छिपा दिया.
पुलिस ने मंगलवार को मासूम का शव घर के बेसमेंट से बरामद कर लिया. आरोप है कि हत्या के बाद सर्वेश ने कंबोडिया के एक मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया और उसी नंबर से वैभव के पिता को कॉल कर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. परिवार को शक न हो, इसके लिए वह उनके साथ वैभव की तलाश करने का दिखावा भी करता रहा.
बिहार पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है आरोपी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उस पर एक एनबीएफसी कंपनी का करीब 25 लाख रुपये का कर्ज था, जिसकी मासिक किस्त लगभग 28,700 रुपये थी. इसके अलावा उसने एक दोस्त से करीब 11 लाख रुपये उधार लिए थे. आर्थिक दबाव के चलते उसने फिरौती के लिए अपहरण की योजना बनाई थी, लेकिन वैभव के विरोध करने पर हत्या कर दी.
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू काफी शातिर है, वह 2024 में बिहार के एक पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है. वह प्रयागराज की नैनी जेल में 40 दिन तक बंद था, जेल में ही उसकी मुलाकात कई शातिर अपराधियों से हुई थी. पुलिस उसके जेल में संपर्क और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है.
पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि
बता दें कि वैभव चौथी कक्षा का छात्र था. करीब डेढ़ महीने पहले ही उसकी मां का बीमारी के चलते निधन हुआ था. इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक वैभव का घर जिस गली में है वही से कुछ दूरी पर ही आरोपी सर्वेश उर्फ बिट्टू का भी मकान है. बिट्टू के पिता की कपड़े की दुकान है और उसका बड़ा भाई अधिवक्ता है.
फिलहाल पुलिस ने आरोपी सर्वेश के पिता, भाई और पत्नी समेत सात लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. वहीं, वैभव की शव का पोस्टमार्टम मंगलवार को हुआ इसकी वीडियो ग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने वैभव के शव को उसके परिजनों को सौंप दिया है.