यूपी में स्कूल बस-वैन की सुरक्षा पर HC सख्त, हर जिले में परिवहन समिति बनाने के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में स्कूल परिवहन सुरक्षा समितियां गठित करने का निर्देश दिया है. साथ ही मुख्य सचिव को नियमित निगरानी और नियमों के कड़ाई से पालन करने को कहा है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार से जिला स्कूल वाहन सुरक्षा समितियों की नियमित बैठकें सुनिश्चित करने और हर जिले में स्कूल परिवहन सुरक्षा समितियां गठित कर उन्हें सक्रिय करने का निर्देश दिया है. साथ ही मुख्य सचिव को बैठक की नियमित निगरानी और नियमों के कड़ाई से पालन कराने को कहा है.
हाईकोर्ट के जस्टिस आलोक माथुर और जज बृजराज सिंह की पीठ ने ‘गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स एसोसिएशन’ के सचिव गिरिधर गोपाल द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया. वहीं, परिवहन आयुक्त ने अदालत को बताया कि ज्यादातर स्कूली वैन के पास नियमों के तहत जरूरी परमिट नहीं हैं.
परिवहन आयुक्त ने कोर्ट को क्या बताया?
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियमों में स्कूली बच्चों का परिवहन करने वाले वाहनों के परिचालन के संबंध में विशेष प्रावधान हैं. इन नियमों के तहत स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहनों को निर्धारित परमिट की आवश्यकता होती है. जबकि ज्यादातर स्कूली वैन के पास नियमों के तहत जरूरी परमिट नहीं हैं.
अदालत को बताया गया कि स्कूल वैन को एक माता-पिता या माता-पिता के समूहों के साथ एक समझौता करने की आवश्यकता होती है. यह समझौता उस स्कूल द्वारा सक्षम अधिकारी को सौंपा जाता है जिसके आधार पर वाहन का परमिट जारी किया जाता है.
समितियां सुरक्षा मानकों पर नजर रखेगी
अदालत ने माना कि परिवहन आयुक्त के इस जानकारी के बाद स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं. वहीं, हाईकोर्ट ने अब समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं. इन समितियों के जरिए स्कूल परिवहन व्यवस्था में सुरक्षा मानकों के पालन पर नजर रखने की व्यवस्था की जाएगी.
