आंख खुली तो बस में लगी थी आग… खिड़कियां तोड़कर कूदे यात्री, ग्रेटर नोएडा में 9 की मौत

ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर डबल डेकर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की दुखद मौत हो गई. दिल्ली से महोबा जा रही बस में करीब 35 लोग सवार थे, जिनमें से कई ने खिड़कियां तोड़कर जान बचाई. मुख्यमंत्री योगी ने हादसे का संज्ञान लेते हुए हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं.

ग्रेटर नोएडा बस आग: यमुना एक्सप्रेसवे पर 9 की मौत

ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक डबल डेकर स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया. हादसे में अब तक 9 यात्रियों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों में आठ पुरुष और एक महिला शामिल हैं. पुलिस उनकी पहचान और जानकारी जुटाने में लगी है.

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है. बस का पंजीकरण नंबर BR32 PA8647 है और यह दिल्ली से महोबा जा रही थी. हादसे के वक्त बस में करीब 35 यात्री सवार थे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए घायलों के समुचित इलाज और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता के निर्देश दिए हैं

‘आंख खुली तो बस के अंदर भीड़ और धुआं’

बस में सफर कर रही है एक महिला यात्री ने बताया कि वह हादसे के समय सो रही थी, अचानक किसी ने दरवाजे पर जोर-जोर से आवाज लगाकर उसे जगाया. आंख खुली तो बस के अंदर भीड़ और धुआं था. उसने बताया कि वह अपना सामान तक नहीं उठा पाई और जूते पहने सिर्फ मोबाइल लेकर किसी तरह बस से बाहर निकली.

उन्होंने बताया कि बाहर निकलते समय यात्रियों में अफरा-तफरी थी और हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहा था. वहीं, आग की सूचना मिलते ही यमुना एक्सप्रेसवे की निजी सुरक्षा टीम और पुलिस मौके पर पहुंची. करीब चार फायर टेंडर और पानी के टैंकर आग बुझाने के लिए लगाए गए. लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.

अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी- ADCP

हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे. वहीं, सुरक्षित यात्रियों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में बस का बड़ा हिस्सा आग की लपटों में घिर गया. बस्सी पटाखे जैसी आवाज़ें आने लगी. हालांकि पुलिस ने अभी तक आग लगने की वजह की पुष्टि नहीं की है और न ही मरने वालों की पहचान हो सकी है.

सुरक्षा के लिहाज से जेवर टोल और फलेदा कट के पास करीब 20 मिनट तक यातायात रोका गया. आग बुझाने के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात फिर सामान्य कराया गया. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बस में आग किस तरह लगी और इसकी वजह क्या है. बस का परमिट फिटनेस था या नहीं, इन सभी पहलू पर अभी जांच की जा रही है.

एडिशनल डीसीपी का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. फिलहाल पुलिस मृतकों के नाम और उनके परिजनों की जानकारी जुटाने में लगी है. लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली. बस के अंदर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं.

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