इटावा गैंगरेप केस में बड़ा फैसला, दो भाइयों को 20-20 साल जेल, बेटों की मदद में मां भी फंसी

कानपुर की अदालत ने 2021 में इटावा में महिला से सामूहिक दुष्कर्म और अपहरण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. मामले में आरोपी दो भाइयों को 20-20 साल की सजा सुनाई है. साथ ही आरोपियों की मां को भी मदद करने के लिए 4 साल की जेल हुई है. शादीशुदा महिला को तीन माह तक बंधक बनाकर रखा गया था.

इटावा सामूहिक दुष्कर्म मामले में दो भाइयों को 20 साल, मां को भी सजा

कानपुर की एक अदालत ने साल 2021 में इटावा में शादीशुदा महिला को करीब तीन महीने तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दो भाइयों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. अदालत ने अपराध में दोनों आरोपियों की मदद करने वाली उनकी मां को भी दोषी ठहराते हुए चार साल के कारावास की सजा सुनाई है.

अपर मुख्य शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार पांडेय के मुताबिक, कानपुर के यशोदा नगर निवासी महिला 13 मार्च 2021 को अपने दो वर्षीय बेटे के साथ राशन कार्ड के लिए आवेदन करने गोविंद नगर स्थित आपूर्ति कार्यालय गई थी. आरोप है कि इसी दौरान इटावा निवासी अनवार और उसके भाई छोटू ने महिला का अपहरण कर लिया.

आरोपियों की मां ने भी बंधक बनाने में मदद की

इसके बाद दोनों आरोपी महिला को इटावा ले गए और वहां करीब तीन महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस दौरान दोनों भाइयों ने महिला के साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म किया. आरोपियों की मां ऊषा देवी पर भी अपने बेटों की मदद करने और महिला को बंधक बनाए रखने में सहयोग करने का आरोप था.

अधिवक्ता जितेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि इस बीच एक दिन जब दोनों आरोपी एक शादी में शामिल होने के लिए घर से बाहर गए, तब पीड़िता ने एक पड़ोसी की मदद से अपने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी. परिजनों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. इसके बाद पुलिस ने महिला को मुक्त कराया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

दोनों भाइयों को 20 जेल, मां को 4 साल की सजा

मामले की सुनवाई त्वरित अदालत-41 में हुई. जस्टिस राकेश सिंह की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को अनवार और छोटू को अपहरण तथा सामूहिक दुष्कर्म का दोषी ठहराया. अदालत ने दोनों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. साथ ही आरोपियों की मां ऊषा देवी को भी दोषी माना.

वहीं, आरोपी ऊषा देवी को मामले में चार साल की सजा और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई. इसके अलावा, धारा 342 के तहत गलत तरीके से बंधक बनाने के अपराध में महिला को एक साल के कारावास की सजा भी सुनाई है. अदालत के स फैसले के बाद मामले में आरोपियों को करीब पांच साल बाद उनके अपराध के लिए सजा मिल गई है.

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